सीएमएचओ ने की समीक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति पर दिया जोर
खैरागढ़। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा शनिवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशीष शर्मा, बीएमओ खैरागढ़ डॉ.विवेक बिसेन, छुईखदान डॉ.मनीष बघेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव सहित विभिन्न कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, चिकित्सक, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, लेखा एवं डाटा प्रबंधक तथा स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की हुई समीक्षा
बैठक में गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन, प्रथम तिमाही में पंजीयन, संस्थागत प्रसव एवं नियमित टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को एचएमआईएस, जननी एवं यू–वीन पोर्टल पर सही एवं समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा
बैठक में आयुष्मान भारत कार्ड एवं वय वंदना कार्ड निर्माण, गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम सहित अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की गई। संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।सीएमएचओ श्री शुक्ला एवं सिविल सर्जन डॉ. शर्मा ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों को शीघ्र पूर्ण करने, रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुधारने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया।
