समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त क्रीड़ा शिक्षक जय प्रकाश झा का निधन, क्षेत्र में शोक

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। वरिष्ठ समाजसेवी, सेवानिवृत्त क्रीड़ा शिक्षक (पीटीआई), स्काउट्स एवं रेडक्रॉस शिक्षक तथा मैथिल ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष जय प्रकाश झा (63 वर्ष) पिता स्वर्गीय ठाकुर बाबू झा का मंगलवार तड़के लगभग 4:30 बजे निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, सांस्कृतिक जगत एवं क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। ज्ञात हो कि जय प्रकाश झा मैथिल ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष रहे तथा वर्तमान में शिक्षक मानस परिवार के अध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। वे एक उत्कृष्ट क्रीड़ा शिक्षक होने के साथ-साथ स्काउट्स एवं रेडक्रॉस के समर्पित प्रशिक्षक भी थे। स्काउट-गाइड एवं रेडक्रॉस सोसाइटी के शिविरों के सफल संचालन, अनुशासन एवं प्रबंधन में उन्हें विशेष महारत हासिल थी।

उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने व्यक्तित्व विकास, सेवा भावना और नेतृत्व के संस्कार प्राप्त किए। स्व.झा सांस्कृतिक एवं धार्मिक गतिविधियों में भी समान रूप से सक्रिय रहे। वे अंचल के प्रतिष्ठित रामायणी एवं रामचरितमानस के कुशल व्याख्याकार (टीकाकार) के रूप में सम्मानित थे। उनकी प्रभावशाली वाणी और सरल शैली से मानस प्रवचन एवं धार्मिक आयोजनों में दशकों तक श्रोताओं को आध्यात्मिक संदेश मिलता रहा वहीं साहित्य एवं संगीत के क्षेत्र में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। उन्होंने हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा में अनेक धार्मिक भजन, कविताएं और रचनाएं लिखीं। उनकी लोकप्रिय भजन रचना “हरि भजन ला संग मा गा ले रे” आज भी क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति के साथ गाई जाती है। उनकी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक रचनाएं आज भी लोगों के बीच उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए हुए हैं। एक शिक्षक के रूप में उनका व्यक्तित्व अत्यंत प्रेरणादायी था। वे विद्यार्थियों के प्रति विशेष स्नेह रखते थे और शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न मानकर संस्कार, अनुशासन एवं चरित्र निर्माण का माध्यम मानते थे। उन्होंने अपने सेवाकाल में हजारों विद्यार्थियों को न केवल खेल एवं शिक्षा बल्कि जीवन मूल्यों की भी शिक्षा दी। सरल, मिलनसार, अनुशासित और सेवा-भाव से परिपूर्ण उनका व्यक्तित्व सभी के लिए प्रेरणास्रोत था। वे क्षेत्र के प्रतिष्ठित कांग्रेस नेता एवं समाजसेवी ओम प्रकाश झा के बड़े भाई, सीएमओ कुलदीप झा के चाचा तथा शिक्षिका आस्था झा एवं युवा व्यवसायी अमन झा के पिता थे।

उनका अंतिम संस्कार मंगलवार की दोपहर अमलीपारा कृषि उपज मंडी स्थित मुक्तिधाम में किया गया जहां उनके पुत्र अमन झा (बब्बी) ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा एवं अंत्येष्टि में मैथिल ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ सदस्य, शिक्षक, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में परिजन एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे जिन्होंने स्व.जय प्रकाश झा को दो क्षण का मौन धारण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। स्व.जय प्रकाश झा अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र, एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से सामाजिक, शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। क्षेत्रवासियों ने उन्हें एक आदर्श शिक्षक, संवेदनशील समाजसेवी, कुशल सांस्कृतिक व्यक्तित्व और मानव मूल्यों के सच्चे उपासक के रूप में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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