संविधान हत्या दिवस पर भाजपा की प्रेसवार्ता, आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। संविधान हत्या दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिला कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे कठिन और चिंताजनक दौर बताते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सबसे बड़ा प्रहार कहा। डॉ. बघेल ने कहा कि 25 जून 1975 को लागू किए गए आपातकाल के दौरान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की आवाज को दबाने के लिए विपक्षी नेताओं और हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद किया गया था।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का योगदान देश कभी नहीं भूल सकता। उनके त्याग, समर्पण और संघर्ष के कारण ही देश में पुनः लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित हो सकी और आज भारत एक सशक्त लोकतंत्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि संविधान हत्या दिवस मनाने का उद्देश्य आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं से नई पीढ़ी को अवगत कराना तथा संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के महत्व के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने युवाओं से लोकतंत्र की रक्षा तथा संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। प्रेसवार्ता में भाजपा जिला महामंत्री नवनीत जैन, सरिता यादव, अनिल अग्रवाल, प्रीति यादव, विनय देवांगन, राजू जंघेल, कीर्ति वर्मा सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्थाओं के संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

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