
दिव्यांग बच्चों की पहचान कर शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास नीति पर होगा काम
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य पुनर्वास और विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से व्यापक सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर एवं पदेन जिला मिशन समन्वयक इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी समाज कल्याण विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग शिक्षा विभाग तथा समग्र शिक्षा से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले का कोई भी विशेष आवश्यकता वाला बच्चा शासन की सुविधाओं और अधिकारों से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बच्चों का चिकित्सीय मूल्यांकन कराने दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने यूडीआईडी पंजीयन में सहयोग देने तथा मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दिव्यांगता की श्रेणी और गंभीरता का सत्यापन, सहायक उपकरण उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता अनुसार विशेष शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया है। समाज कल्याण विभाग को दिव्यांग पेंशन छात्रवृत्ति और पुनर्वास योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा सर्वेक्षण में चिन्हित बच्चों को योजनाओं से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई। विभाग को दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूडीआईडी से संबंधित आंकड़े साझा करने तथा पुनर्वास सेवाओं से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की प्रारंभिक पहचान कर सूची तैयार करने कुपोषित एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की जानकारी साझा करने तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता गतिविधियों में सहयोग करने को कहा गया। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि शिक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन संयुक्त रूप से फील्ड स्तर पर कार्य करते हुए सर्वेक्षण को सफल बनाएं। प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे तक शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और उन्हें बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
