
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर समाप्त करने और मारपीट की शिकायत पर कार्रवाई की मांग
गिरफ्तारी हुई तो अधिवक्ताओं द्वारा उग्र आंदोलन की चेतावनी
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। खैरागढ़ के वरिष्ठ व उम्रदराज अधिवक्ता अर्जुन दास वर्मा के खिलाफ बीते दिनों दर्ज एफआईआर के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ खैरागढ़ लामबंद हो गया है। मंगलवार को संघ अध्यक्ष सुरेश ठाकुर और सचिव संदीप दास वैष्णव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने व वरिष्ठ अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर समाप्त करने तथा उनकी ओर से दी गई मारपीट की शिकायत पर कार्रवाई की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि अधिवक्ता की गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सीमांकन के दौरान हुआ था विवाद, विरोधी पक्ष के आरोपी ने जड़ दिया था अधिवक्ता को तमाचा
अधिवक्ता संघ के अनुसार पूरा मामला शासकीय भूमि के सीमांकन से जुड़ा है। व्यवहार न्यायाधीश खैरागढ़ के आदेश के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी सीमांकन के लिए मौके पर पहुंचे थे। संघ का कहना है कि संबंधित न्यायालयीन प्रकरण में अधिवक्ता होने के कारण अर्जुन दास वर्मा भी मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान आरोपी कमलेश कोठले द्वारा उनके साथ कथित गाली-गलौच और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। संघ के मुताबिक इस संबंध में अर्जुन वर्मा की ओर से थाना खैरागढ़ में शिकायत की गई थी जिस पर कार्रवाई की मांग की गई है।
अधिवक्ता संघ ने एकतरफा कार्रवाई का लगाया गया है आरोप
संघ ने आरोप लगाया कि कमलेश कोठले की शिकायत पर पुलिस ने अर्जुन वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली लेकिन घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पर्याप्त जांच नहीं की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील पांडे ने कहा कि सीमांकन के दौरान राजस्व निरीक्षक और पटवारी सहित अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे। ऐसे में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के बाद ही पुलिस को निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्जुन वर्मा पर जातिगत गाली-गलौच का आरोप लगाकर शिकायत की गई और पुलिस ने मामले में एकतरफा कार्रवाई की।
निजी जमीन की नाप कराने के आरोप को बताया भ्रामक
अधिवक्ता संघ ने उन दावों को भी खारिज किया है जिनमें अर्जुन दास वर्मा के निजी भूमि की नाप कराने के लिए मौके पर पहुंचने की बात कही जा रही है। संघ के अनुसार वे न्यायालयीन प्रकरण से संबंधित कार्यवाही के सिलसिले में सीमांकन स्थल पर पहुंचे थे। मामले में अधिवक्ताओं का दावा है कि कमलेश कोठले संबंधित प्रकरण में पक्षकार भी नहीं हैं। इसलिए अधिवक्ता के निजी भूमि संबंधी कार्य से मौके पर पहुंचने का प्रचार भ्रामक है। संघ ने कहा कि इस तरह की जानकारी से अनावश्यक सामाजिक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
‘सरल और सहज स्वभाव के अधिवक्ता को फंसाने का प्रयास’
अधिवक्ता संघ ने अर्जुन दास वर्मा को सरल और सहज स्वभाव का वरिष्ठ अधिवक्ता बताते हुए कहा कि उन्हें कथित रूप से झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। संघ का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच होने पर वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। इस मामले को लेकर अधिवक्ता समुदाय में गहरी नाराजगी है।
गिरफ्तारी हुई तो आंदोलन की चेतावनी
जिला अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया है कि अर्जुन वर्मा की गिरफ्तारी की कार्रवाई होने पर अधिवक्ता समुदाय आंदोलन करेगा। संघ ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष भी मामला उठाने तथा आवश्यकतानुसार न्यायालयीन स्तर पर कार्रवाई करने की बात कही है। संघ के अनुसार 10 अगस्त को आयोजित बैठक में इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था जिसकी प्रति कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के साथ संलग्न की गई है।
अधिवक्ता परिषद को भी दी गई जानकारी
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि अधिवक्ता आम लोगों को न्याय दिलाने के लिए न्यायालय में पैरवी करते हैं लेकिन इस मामले में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के लिए न्याय की मांग को लेकर अधिवक्ता समुदाय को प्रशासन के समक्ष आना पड़ा है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी छत्तीसगढ़ अधिवक्ता परिषद को भी दी गई है और अधिवक्ता समुदाय के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है। अधिवक्ता संघ ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, अर्जुन वर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर की समीक्षा एवं उसे समाप्त करने तथा अर्जुन वर्मा की शिकायत पर कमलेश कोठले के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। संघ ने कहा है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।