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मुढ़ीपार बलवा कांड, डीजे विवाद ने लिया था हिंसक रूप

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले के गातापार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुढ़ीपार में एक शादी समारोह के दौरान मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। बारात में डीजे पर नाच-गाने के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते चाकूबाजी तक पहुंच गया जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है वहीं तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लेकर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रार्थी कमलेश वर्मा (29) निवासी ग्राम ढारा थाना डोंगरगढ़ (जिला राजनांदगांव), 22 अप्रैल को एक शादी समारोह में शामिल होने मुढ़ीपार पहुंचे थे। रात करीब 9 बजे बारात बाजार चौक पहुंची जहां डीजे पर नृत्य चल रहा था। इसी दौरान मोटर साइकिल सवार तीन युवक वहां पहुंचे और रास्ता देने को लेकर बारातियों से विवाद करने लगे। गाली-गलौज के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई लेकिन कुछ देर के लिए मामला शांत हो गया।

कुछ समय बाद आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ दोबारा लौटे और बारातियों पर हमला कर दिया। बीच-बचाव के दौरान राजा वर्मा पर चाकू से पेट में वार किया गया जबकि कमलेश वर्मा को हाथ और सिर में चोटें आयी थी। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गए।

बताया जा रहा है कि आरोपी थोड़ी देर बाद फिर मौके पर लौटे और लोहे की रॉड से एक स्कॉर्पियो वाहन के कांच तोड़ दिए जिससे मौके पर दहशत का माहौल बन गया।

घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद गातापार थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू और हीरो ग्लैमर मोटरसाइकिल जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में गुलशन सिन्हा (20), पुनम सिन्हा (23), जग्गु निषाद (19) (सभी निवासी ग्राम मुढ़ीपार)
इसके अलावा मामले में शामिल तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लेकर उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में पेश किया गया है। इस घटना के बाद शादी समारोहों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। मालूम हो कि क्षेत्र में शादी समारोहों और सार्वजनिक आयोजनों में छोटे-छोटे विवादों का हिंसक रूप लेना एक गंभीर सामाजिक चिंता बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर जागरूकता और संयम भी जरूरी है ताकि उत्सव के मौके हादसों में न बदलें।

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