रंगमंच से राज्य की कलाकार सूची तक, ज्ञानदेव सिंह की उपलब्धियों में जुड़ा नया अध्याय

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा के लिए पहचाने जाने वाले खैरागढ़ के रंगकर्मी ज्ञानदेव सिंह ने नाट्यकला के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अभिनय और रंगमंच के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय ज्ञानदेव सिंह को हाल ही में रायपुर में आयोजित 7वें निर्मल पाण्डेय स्मृति फिल्म फेस्टिवल-2026 में विशिष्ट सम्मान प्रदान किया गया। इसके बाद संस्कृति संचालनालय छत्तीसगढ़ की ओर से जारी संयुक्त कलाकार सूची में उनका नाम ‘रंगकर्मी लोक नाट्य’ विधा के अंतर्गत A+ ग्रेड में शामिल किया गया है।

ज्ञानदेव सिंह ने अपने रंगमंचीय सफर के दौरान अभिनय के साथ-साथ अभिनय प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया है। रंगमंच सिनेमा टेलीविजन और विज्ञापन से जुड़े अनुभवों को उन्होंने नई पीढ़ी के कलाकारों तक पहुंचाया। अभिनय प्रशिक्षण के दौरान संवाद अदायगी भाव-अभिव्यक्ति शारीरिक भाषा चरित्र निर्माण और मंचीय प्रस्तुति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर कलाकारों को मार्गदर्शन दिया। रायपुर में 10 और 11 अगस्त को आयोजित निर्मल पाण्डेय स्मृति फिल्म फेस्टिवल में उनके इसी योगदान को रेखांकित करते हुए प्रशस्ति-पत्र में उन्हें एक्टिंग ट्रेनर एंड एक्टर के रूप में सम्मानित किया गया। समारोह में उन्हें स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।

ज्ञानदेव सिंह के रंगमंचीय जीवन की शुरुआत और विकास में प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं निर्देशक बंशी कौल की संस्था रंग विदूषक से जुड़ाव को महत्वपूर्ण माना जाता है। संस्था के साथ काम करते हुए उन्होंने प्रयोगधर्मी रंगमंच लोक तत्वों शारीरिक अभिनय और मंचीय अनुशासन की बारीकियों को करीब से समझा। यही अनुभव आगे चलकर उनके अभिनय और प्रशिक्षण शैली की मजबूत आधारभूमि बना। रंगमंच से अर्जित अनुभवों को उन्होंने बाद में प्रशिक्षण के माध्यम से अन्य कलाकारों तक पहुंचाया और कई प्रतिभाओं को मंचीय अभिव्यक्ति के लिए तैयार करने में भूमिका निभाई।

संस्कृति संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी संयुक्त कलाकार सूची में कुल 712 कलाकारों को विभिन्न कला विधाओं और श्रेणियों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। इसी सूची में ज्ञानदेव सिंह का नाम क्रमांक 57 पर दर्ज है। उन्हें रंगकर्मी लोक नाट्य विधा में A+ ग्रेड प्रदान किया गया है। यह राज्य स्तर पर उनकी कला साधना और लंबे समय से रंगमंच के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान की आधिकारिक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

ज्ञानदेव सिंह की हालिया उपलब्धियां खैरागढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करती हैं। संगीत और विश्वविद्यालय की पहचान के साथ खैरागढ़ ने रंगमंच लोक नाट्य और अभिनय के क्षेत्र में भी कई प्रतिभाओं को मंच दिया है। ऐसे में ज्ञानदेव सिंह को मिला सम्मान और A+ ग्रेड स्थानीय रंगमंच के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। रंगमंचीय संस्था रंग विदूषक से जुड़कर अपने सफर को दिशा देने वाले ज्ञानदेव सिंह ने अभिनेता रंगकर्मी और अभिनय प्रशिक्षक के रूप में लगातार अपनी सक्रियता बनाए रखी है। फिल्म फेस्टिवल का ‘विशिष्ट सम्मान’ और राज्य की कलाकार सूची में A+ ग्रेड उनके इसी लंबे रंग-सफर की दो अहम उपलब्धियां बनकर सामने आई हैं।

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