
‘मन जागृत अभियान’ के तहत सिविल जिला अस्पताल खैरागढ़ में हुई परिचर्चा

नींद, भूख और रुचि में बदलाव को बताया मानसिक तनाव का संकेत
खैरागढ़। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत ‘मन जागृत अभियान’ के तहत सिविल अस्पताल खैरागढ़ में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन, मानसिक तनाव के शुरुआती संकेतों की पहचान और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों, उनके परिजनों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना था। परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। मानसिक तनाव को समय रहते पहचानकर उचित परामर्श और उपचार लिया जाए, तो कई समस्याओं को गंभीर होने से रोका जा सकता है। ‘सजग मन, स्वस्थ समाज, समृद्ध भारत’ के संदेश के साथ लोगों को मानसिक परेशानियों पर खुलकर बात करने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
नींद, भूख और रुचि में बदलाव पर दें ध्यान
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ.आशीष शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य में बदलाव के प्रमुख संकेतों की जानकारी देते हुए बताया कि नींद के पैटर्न में बदलाव, भूख में असामान्य कमी या वृद्धि तथा दैनिक कार्यों एवं पसंदीदा गतिविधियों में रुचि कम होना मानसिक तनाव अथवा अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के संकेत हो सकते हैं। ऐसे बदलाव लगातार दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनना और उसे सहयोग देना जरूरी है। परिवार के सदस्यों को ऐसे लोगों के प्रति सकारात्मक रवैया अपनाना चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। विद्यार्थियों, किशोर-किशोरियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
सकारात्मक जीवनशैली और पारिवारिक सहयोग से होगा सुधार
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी पोस्टरों का विमोचन एवं प्रदर्शन किया गया। इनके माध्यम से पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम, संतुलित एवं पौष्टिक आहार और परिवार तथा मित्रों के साथ संवाद बनाए रखने का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय पर आकलन और उचित उपचार संभव है। इसलिए सामाजिक झिझक या संकोच के कारण सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
टेली-मानस हेल्पलाइन से मिलेगा निःशुल्क परामर्श
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने और जरूरतमंदों को सहयोग देने की अपील की। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता एवं परामर्श के लिए निःशुल्क टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 पर संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार शुक्ला, बीएमओ डॉ.विवेक बिसेन, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर आकाश तम्बोली, डॉ.निशा साहू, बीईटीओ डी.एल. सोनी, संजय श्रीवास्तव, निशा जांगड़े सहित अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी-कर्मचारी, पैरामेडिकल स्टाफ, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, मरीज एवं उनके परिजन उपस्थित रहे। विभाग ने बताया कि ‘मन जागृत अभियान’ के माध्यम से जिले में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, समय पर परामर्श के महत्व को रेखांकित करने तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे।

