
अनुकंपा नियुक्ति पत्नी के बजाय पुत्र को देने की मांग
सीसीटीवी और कॉल डिटेल की गंभीरता से जांच करने की मांग
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। छुईखदान थाने में पदस्थ रहे प्रधान आरक्षक शीतल यादव की 6 जून को हुई आत्महत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मृतक के माता-पिता पुनीत राम यादव और चंपा यादव ने बेटे की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की है। परिजनों ने घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने के साथ ही घर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज मोबाइल कॉल तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने का आग्रह किया है। परिजनों ने ज्ञापन में कहा है कि शीतल यादव घटना वाले दिन ड्यूटी पर थे और ड्यूटी पूरी करने के बाद खैरागढ़ स्थित अपने घर लौटे थे। रात में उन्होंने घर के हॉल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी परिजनों को अगले दिन सुबह करीब 5 बजे मिली। घटना के समय उनका पुत्र लक्षित यादव अपने दादा-दादी के साथ ग्राम तिरगा में था।
बेटे को सुबह खैरागढ़ बुलाने की बात पर उठा सवाल
परिजनों के अनुसार घटना से कुछ घंटे पहले रात करीब 8 बजे लक्षित यादव फोन पर रो रहा था। पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता ने उसे अगले दिन सुबह खैरागढ़ आने के लिए कहा था। परिवार ने जांच एजेंसी से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि शीतल यादव ने बेटे को सुबह बुलाने के लिए फोन क्यों किया था और उस दौरान दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी।
घर पहुंचने के समय को लेकर अलग-अलग दावे
ज्ञापन में परिजनों ने घटना की रात शीतल यादव के घर पहुंचने के समय को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि शीतल रात 9 से 10 बजे के बीच घर पहुंच गए थे जबकि उनके अनुसार पत्नी सती यादव ने पुलिस को रात करीब 12 बजे घर आने की जानकारी दी थी। परिजनों ने सीसीटीवी रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक समय का पता लगाने की मांग की है। इसी तरह सुबह करीब 4 बजे की घटनाओं को लेकर भी परिवार ने जांच की मांग की है। परिजनों का दावा है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में सती यादव के रात में घर से बाहर आने-जाने की गतिविधियां दिखाई देती हैं। परिवार ने फुटेज को जांच में शामिल करने की मांग की है।
पत्नी के मायके जाने से जुड़े घटनाक्रम की जांच की मांग
मृतक के माता-पिता ने शीतल यादव और सती यादव के बीच कथित मनमुटाव से जुड़े पहलुओं की भी जांच कराने की मांग की है। आवेदन के अनुसार सती यादव 27 अप्रैल को अपने मायके गई थी। शीतल यादव उन्हें वापस लाने के लिए 17 मई को गए थे लेकिन वे उसी दिन वापस नहीं आईं और 20 मई को खैरागढ़ लौटी। परिजनों का कहना है कि इस अवधि में पति-पत्नी के बीच क्या बातचीत या विवाद हुआ इसकी भी जांच होनी चाहिए हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और घटना के वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
घटना के बाद घर की चाबी को लेकर भी उठाए सवाल
परिजनों ने घटना के बाद खैरागढ़ स्थित मकान से जुड़े घटनाक्रम को भी जांच के दायरे में लेने की मांग की है। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार और पारिवारिक कार्यक्रमों के बाद सती यादव अपनी बड़ी बहन के घर फुलझर चली गई थीं और मकान की चाबी भी अपने साथ ले गई थीं। बाद में उनके अनुसार कुछ लोग घर पहुंचे। परिवार ने पड़ोसियों से मिली जानकारी और घर में प्रवेश की परिस्थितियों की भी जांच कराने का आग्रह किया है।
अनुकंपा नियुक्ति पुत्र को देने की मांग
ज्ञापन में अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। मृतक के माता-पिता ने पत्नी सती यादव के बजाय पुत्र लक्षित यादव को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है। उनका कहना है कि लक्षित अभी नाबालिग है और उसके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नियुक्ति उसके हित में होगी। परिजनों ने यह भी कहा है कि शीतल यादव उनके बुढ़ापे का सहारा थे और परिवार की जिम्मेदारियां संभालते थे। उन्होंने मांग की है कि अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में निर्णय लेने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए। परिवार ने कहा है कि पेंशन का लाभ सती यादव को दिए जाने पर उन्हें आपत्ति नहीं है।लेकिन अनुकंपा नियुक्ति पुत्र लक्षित के हित में की जाए।
एसपी कार्यालय में आवेदन नहीं लेने का दावा
मृतक के भाई भानुप्रताप यादव ने बताया कि परिवार ने मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपनी शंकाएं और शिकायत रखने का प्रयास किया था। उनका दावा है कि लिखित आवेदन देने की कोशिश के बावजूद आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद परिवार ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। भानुप्रताप यादव के अनुसार कलेक्टर को आवेदन दिए करीब 10 दिन हो चुके हैं लेकिन परिवार को अब तक कार्रवाई के संबंध में जानकारी नहीं मिली है। परिवार ने मामले में जल्द जांच शुरू कर तथ्य सामने लाने की मांग की है।
साक्ष्यों की जांच से स्पष्ट होगी स्थिति
परिजनों ने कलेक्टर से मांग की है कि 6 जून की रात की घटनाओं की क्रमवार जांच की जाए। इसमें शीतल यादव के घर पहुंचने का समय घर में मौजूद लोगों की गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज मोबाइल कॉल डिटेल पति-पत्नी के बीच हुई बातचीत तथा घटना से पहले और बाद के घटनाक्रम को शामिल किया जाए। परिवार का कहना है कि उनकी मांग किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने की नहीं बल्कि शीतल यादव की मौत की परिस्थितियों से जुड़े सवालों का निष्पक्ष जवाब पाने की है। उन्होंने जांच के बाद यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल आत्महत्या के वास्तविक कारणों और परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों की सत्यता जांच के बाद ही सामने आएगी।