नौकरी का झांसा और फिशिंग लिंक बन रहे साइबर ठगी का हथियार

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस का साइबर जागृति अभियान लगातार जारी है। अभियान के पांचवें सप्ताह में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग जैसे साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने युवाओं से संवाद कर साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग आकर्षक वेतन घर बैठे नौकरी ऑनलाइन इंटरव्यू और नियुक्ति पत्र दिलाने का झांसा देकर युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं। कई मामलों में फर्जी जॉब वेबसाइट ई-मेल एसएमएस वाट्सऐप संदेश और संदिग्ध लिंक के माध्यम से युवाओं से संपर्क किया जाता है। इसके बाद पंजीयन दस्तावेज सत्यापन या नियुक्ति प्रक्रिया के नाम पर राशि की मांग कर ठगी की जाती है। अभियान के दौरान युवाओं को फर्जी वेबसाइट और संदिग्ध संदेशों की पहचान करने के साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले पूरी तरह सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, सीवीवी, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। पुलिस ने नौकरी संबंधी किसी भी प्रस्ताव पर तत्काल भरोसा करने या भुगतान करने के बजाय संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट और विश्वसनीय माध्यमों से उसकी पुष्टि करने की अपील की। साथ ही साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। पुलिस ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग ही साइबर अपराधों से बचाव का प्रभावी उपाय है। साइबर जागृति अभियान के माध्यम से जिले में लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पुलिस की अपील: नौकरी का आकर्षक ऑफर हो या कोई संदिग्ध लिंक पहले उसकी जांच करें और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही भरोसा करें।

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