
सत्यमेव न्यूज़ (एजेंसी)। नीट-यूजी 2026 परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि हाल के घटनाक्रम से उनका मन दुखी है और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने इस्तीफा पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से शिक्षा और छात्रों के हित में कार्य करते रहे हैं। उन्होंने लिखा कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उनके भविष्य के प्रति वह सदैव प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्होंने बताया कि नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितता सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित कराई तथा अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया है। पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों के हितों की रक्षा करना और किसी भी मेधावी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देना था। उन्होंने परीक्षा के सफल आयोजन में केंद्र, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पिछले कई सप्ताह से चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग के बीच आया है। इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिल रही है अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
अभिनेत्री वाणी कपूर ने लिखा, “यह पल उन सभी छात्रों के लिए है जिन्होंने संघर्ष जारी रखा, सवाल पूछे और उम्मीद नहीं छोड़ी।” वहीं अभिनेत्री फातिमा सना शेख ने इसे छात्रों की जीत बताते हुए आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों को बधाई दी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को नीट विवाद के बाद जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।