
जनपद सीईओ से की निर्माण की शिकायत
स्थल निरीक्षण में सामने आयी खामियां
गंडईपंडरिया। ग्राम ठाकुर टोला में निर्माणाधीन आदिवासी छात्रावास की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। प्रधानमंत्री आवास योजना के निरीक्षण हेतु पहुंचे जनपद पंचायत छुईखदान की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) केश्वरी देवांगन से ग्रामीणों ने छात्रावास निर्माण में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत की। शिकायत पर सीईओ ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है। बताया गया कि छात्रावास का निर्माण सड़क स्तर से लगभग तीन मीटर नीचे किया जा रहा है जिससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है साथ ही निर्माण क्षेत्र में कटौती कर निर्धारित मापदंडों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि राहगीरों के लिए लगाए गए मोटर पंप को भवन की दीवार से सटा दिया गया है जिससे पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र का लाभ उठाकर नियमों की अनदेखी की जा रही है। ग्राम सरपंच नरेश धुर्वे एवं अन्य ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वर्षों की मेहनत के बाद गांव में छात्रावास की स्वीकृति मिली है ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्य में सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।*नहीं लगाया गया है सूचकांक बोर्ड, पारदर्शिता पर सवाल*निर्माण स्थल पर अनिवार्य सूचकांक (डिस्प्ले) बोर्ड नहीं लगाए जाने पर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। इससे निर्माण लागत, अवधि एवं कार्य विवरण जैसी महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक नहीं हो पा रही है जिससे पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
सीईओ ने दिए कार्रवाई के संकेत
इस संबंध में जनपद सीईओ केश्वरी देवांगन ने बताया कि पीएम आवास योजना के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर छात्रावास निर्माण स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में जो भी खामियां सामने आई हैं, उन्हें उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सरपंच नरेश धुर्वे, उपसरपंच किशन दास जंघेल, राधा मोहन दास वैष्णव, हुकुम निषाद, जितेंद्र जंघेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
