निर्धारित वेतन से कम भुगतान का मामला, विद्युत ठेका कर्मियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित (CSPDCL) के खैरागढ़ संभाग में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत ठेका कर्मचारियों ने शासन द्वारा तय न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। छत्तीसगढ़ विद्युत ठेका श्रमिक विकास संगठन के तत्वावधान में कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया। कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते 10 से 12 वर्षों से फ्यूज ऑफ कॉल लाइन मेंटेनेंस सहित अन्य जोखिमपूर्ण कार्य पूरी निष्ठा से करते आ रहे हैं। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रतिवर्ष निविदा प्रक्रिया के माध्यम से वेंडर एजेंसियों को कार्य सौंपा जाता है जिनके लिए प्रति कर्मचारी 400 से 500 रुपये तक का लाभ निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद संबंधित वेंडर एजेंसियों द्वारा शासन एवं श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुशल अर्धकुशल एवं अकुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित वेतनमान के साथ साथ ईपीएफ ईएसआईसी एवं बोनस जैसी वैधानिक सुविधाएं भी कर्मचारियों को नहीं दी जा रही हैं कर्मचारियों ने बताया कि इस विषय में पूर्व में कई बार मौखिक एवं लिखित शिकायतें की गईं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। कर्मचारियों के अनुसार वर्तमान में संभागीय कार्यालय द्वारा तीन वेंडर एजेंसियों को कार्य दिया गया है लेकिन कोई भी एजेंसी पूर्ण वेतन का भुगतान नहीं कर रही है। जनवरी माह में रामकृष्ण इंटरप्राइजेस को खैरागढ़ एवं छुईखदान क्षेत्र के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया गया जिसने सभी श्रेणी के कर्मचारियों को मात्र आठ हजार रुपये मासिक वेतन देने की बात कही है। कर्मचारियों का आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित वेतन की मांग करने पर वेंडर एजेंसी द्वारा उन्हें कार्य से हटाने की धमकी दी जा रही है। संगठन ने यह भी बताया कि वर्ष 2014-15 के पूर्व सत्र में भी संबंधित एजेंसी द्वारा ईपीएफ ईएसआईसी एवं बोनस का भुगतान नहीं किया गया था और वर्तमान में भी स्थिति यथावत बनी हुई है। ठेका कर्मचारियों ने कलेक्टर से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराने की मांग की है ताकि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को उनके वैधानिक अधिकार प्राप्त हो सकें।