
कलेक्टर चंद्रवाल ने समिति प्रबंधकों और ऑपरेटरों को दिया प्रशिक्षण
पारदर्शिता के साथ खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश
खैरागढ़। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिले में धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सहकारी समिति प्रबंधकों एवं धान खरीदी केंद्रों के ऑपरेटरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में धान खरीदी प्रक्रिया, टोकन व्यवस्था और शासन के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और ऑपरेटरों को निर्देशित किया कि धान खरीदी का कार्य सुव्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों को धान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
रकबे के अनुसार ही जारी होंगे टोकन
प्रशिक्षण में बताया गया कि इस वर्ष किसानों की कृषि भूमि के रकबे के आधार पर टोकन जारी किए जाएंगे। इसके तहत दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को एक टोकन मिलेगा। इसके माध्यम से वे अपनी पूरी धान उपज एक बार में बेच सकेंगे।इसी तरह दो से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को दो टोकन जारी किए जाएंगे। इन किसानों को पहले और दूसरे टोकन के माध्यम से 50-50 प्रतिशत धान बेचने की सुविधा मिलेगी वहीं 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन टोकन दिए जाएंगे। इनके जरिए किसान पहले टोकन पर 33 प्रतिशत, दूसरे टोकन पर 33 प्रतिशत और तीसरे टोकन पर शेष 34 प्रतिशत धान का विक्रय कर सकेंगे। कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने टोकन जारी करने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को टोकन व्यवस्था और धान विक्रय की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे खरीदी केंद्रों में अनावश्यक असुविधा की स्थिति निर्मित न हो। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, सहकारी समितियों के प्रबंधक और धान खरीदी केंद्रों के ऑपरेटर उपस्थित रहे।
