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जनपद की बैठक में चाय-नाश्ते पर दो लाख से अधिक खर्च लेकिन क्षेत्र के गांवों में विकास और समस्याएं अब भी लंबित

खैरागढ़। जनपद पंचायत खैरागढ़ की सामान्य सभा की बैठक में चाय-नाश्ते पर दो लाख रुपये से अधिक खर्च होने की जानकारी सामने आने के बाद सरकारी राशि के उपयोग को लेकर यहाँ सवाल उठने लगे हैं। बैठक में जनपद सदस्यों के लिए केला, आधा पीस सेब, साबूदाना खिचड़ी, रसगुल्ला और चाय की व्यवस्था किए जाने की बात कही जा रही है वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, नाली और सिंचाई जैसी बुनियादी समस्याएं अब भी लंबित हैं। ऐसे में बैठक की खानपान व्यवस्था पर कथित भारी खर्च और आम जनता से जुड़े मुद्दों के निराकरण के बीच अंतर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि नाश्ते पर खर्च की वास्तविक राशि और उसके मदवार विवरण की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है लेकिन सदस्यों के बीच इस विषय को लेकर आपसी खींचतान सार्वजनिक हुआ है। ऐसे में खर्च से संबंधित अभिलेखों और भुगतान विवरण की जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण होगा ताकि राशि के उपयोग की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

सामान्य सभा की बैठक में जनपद सदस्यों के लिए नाश्ते की व्यवस्था पर खर्च की चर्चा के बीच ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ सदस्यों का कहना है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं बार-बार बैठकों में उठाते हैं लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारी आश्वासन देकर चले जाते हैं। समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनता की गाढ़ी कमाई से होने वाले खर्च के बीच यह सवाल अहम है कि बैठकों में खानपान और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च के साथ-साथ ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता कितनी मिल रही है। बैठक में जनपद सदस्य किरण मानिकपुरी (कुलीकसा), चंदूलाल वर्मा (खजरी), लक्ष्मीबाई वर्मा (सोनपुरी), पुरुषोत्तम साहू (मुढ़ीपार) और खेमलता साहू (टोलागांव) सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। जनपद सदस्य मंजू वर्मा (भंडारपुर) से उनके क्षेत्र की समस्याओं और बैठक में उठाए गए मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके पास कोई समस्या नहीं आई है वहीं भूपेंद्र सिंह (चारभाठा) ने बताया कि वे बैठक में देर से पहुंचे और तब तक बैठक समाप्त हो चुकी थी। इसके अलावा शैलेंद्र मिश्रा (अकरजन), हेम कल्याणी तोड़े (टेकापारकला), महेश्वरी वर्मा (बैगाटोला) और गोपाल साहू (जुरला कला) के बैठक में अनुपस्थित रहने की जानकारी भी सामने आई है।

जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने कहा कि जनपद पंचायत के अधिकार क्षेत्र से बाहर के मामलों में संबंधित विभागों को पत्र लिखकर सदस्यों की आपत्तियों और प्रस्तावों से अवगत कराया जाता है। उनके अनुसार, आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजे जाते हैं। बहरहाल अब सवाल यह है कि सामान्य सभा की बैठकों में होने वाले खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक होगा या नहीं और ग्रामीणों की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग समयबद्ध कार्रवाई करेंगे या नहीं। खर्च की पारदर्शिता और जनसमस्याओं पर ठोस कार्रवाई दोनों ही स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है।

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