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विश्व रंगमंच दिवस पर खैरागढ़ विश्वविद्यालय में नाट्य प्रस्तुतियों ने बांधा शमाँ

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के नाट्य विभाग द्वारा दो प्रभावशाली नाटकों का मंचन किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो.लवली शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का सशक्त प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘महारथी’ नाटक के सप्तम अंक से हुई। इस प्रस्तुति में कर्ण और उनकी माता कुंती के बीच का भावनात्मक संवाद मंचित किया गया। युद्ध से पहले की इस मुलाकात में कुंती द्वारा कर्ण को पांडवों का साथ देने का आग्रह और कर्ण द्वारा दुर्योधन के प्रति अपनी निष्ठा को सर्वोपरि मानना दर्शकों को भावुक कर गया। इसके बाद प्रसिद्ध नाटककार सुरेन्द्र वर्मा के चर्चित मनोवैज्ञानिक नाटक नींद क्यों रात भर नहीं आती का मंचन हुआ। यह प्रस्तुति एक अकेली युवती की मानसिक स्थिति और उसकी एक रात की बेचैनी पर आधारित रही। नायिका द्वारा अनजान लोगों को किए गए फोन कॉल्स के जरिए रिश्तों अकेलेपन और मानवीय संवेदनाओं के विविध आयाम सामने आए। नाटक ने दर्शकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया।

‘महारथी’ सप्तम अंक के लेखक विभांशु वैभव हैं। दोनों नाटकों की परिकल्पना एवं निर्देशन प्रमोद पाण्डेय ने किया जबकि सहायक निर्देशन में सूर्य प्रकाश का योगदान रहा। मंचन में भैरवी साहू, अंकित सिंह, हर्ष गिरीभट्ट, आकांक्षी मेश्राम, डॉली अहिरवार, ध्रुव सिंह, दिशा चतुर्वेदी और यश बंसल ने अभिनय किया। संगीत संयोजन में सूर्य प्रकाश, गायन में भूषण चौधरी, राजवैद्य और आकाश का सहयोग रहा। तबला वादन सर्वेश ने किया जबकि प्रकाश व्यवस्था अमित पटेल और अनुराग प्रकाश ने संभाली। कार्यक्रम के अंत में कुलपति ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष प्रो.राजन यादव ने परीक्षा के दौरान भी उत्कृष्ट मंचन के लिए विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें निरंतर प्रयास करते रहने की प्रेरणा दी। स.प्राध्यापक कौस्तुभ रंजन ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

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