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चार साल से पीडब्ल्यूडी ने अटकाया 54 हजार रुपए का भुगतान

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। लोक निर्माण विभाग (PWD) में जिला स्थापना के दौरान कराए गए फ्लेक्स प्रिंटिंग कार्य का 54,400 रुपए का भुगतान करीब चार साल से लंबित होने का मामला सामने आया है। नया बस स्टैंड स्थित चंदू पेंटिंग एंड कम्प्यूटर्स के संचालक ने कलेक्टर को आवेदन देकर मामले की जांच कराने और लंबित भुगतान कराने की मांग की है। संचालक का दावा है कि 5 सितंबर 2022 को विभाग के निर्देश पर फ्लेक्स प्रिंटिंग का कार्य कराया गया था और कार्य पूरा होने के बाद बिल भी विभाग में नियमानुसार प्रस्तुत कर दिया गया था। इसके बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया। फ्लेक्स संचालक खेमू राठौर के अनुसार भुगतान के लिए वह पिछले चार वर्षों से विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों से कई बार संपर्क करने और ज्ञापन देने के बावजूद उन्हें भुगतान के संबंध में केवल आश्वासन ही मिला। विभाग की ओर से कथित तौर पर उन्हें ‘आबंटन नहीं आया है’ कहकर वापस कर दिया जाता है। संचालक का कहना है कि यदि भुगतान के लिए बजट या आबंटन उपलब्ध नहीं था तो विभागीय निर्देश पर काम क्यों कराया गया यह जांच का विषय है। संचालक ने आरोप लगाया है कि उनके बिल के बाद एक अन्य फ्लेक्स संचालक ने भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत किया जिसका विभाग द्वारा भुगतान कर दिया गया। ऐसे में चार वर्ष पुराने उनके बिल का भुगतान अब तक लंबित रहने पर उन्होंने सवाल उठाया है। उनका कहना है कि विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि बाद में प्रस्तुत बिल का भुगतान किस आधार पर किया गया जबकि उनका भुगतान अब तक ‘आबंटन नहीं होने’ के कारण रोका गया है। संचालक ने कहा कि 54,400 रुपए की राशि उनके जैसे छोटे व्यवसायी के लिए महत्वपूर्ण है। चार वर्षों से भुगतान अटका होने के कारण कारोबार पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। उनका कहना है कि समय पर राशि मिल जाती तो इसका उपयोग व्यवसाय में किया जा सकता था। उन्होंने इसे अपनी मेहनत की कमाई बताते हुए विभागीय स्तर पर हुई देरी की जांच की मांग की है। भुगतान के लिए राशि देने का भी आरोप फ्लेक्स संचालक ने भुगतान प्रक्रिया के दौरान दो-तीन लोगों को दो से तीन हजार रुपए तक देने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि अपनी ही बकाया राशि प्राप्त करने के लिए उन्हें अनावश्यक रूप से खर्च करना पड़ा। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संचालक ने कहा है कि फिलहाल वह संबंधित लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं लेकिन आवश्यकता पड़ने पर किसे, कब और कितनी राशि दी गई है इसका खुलासा करने को तैयार हैं।

अब संचालक ने विभाग को 15 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि निर्धारित अवधि में 54,400 रुपए का भुगतान नहीं हुआ तो वे लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सामने धरना देंगे। उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पुराने बिल के लंबित रहने के कारणों की जानकारी लेने तथा नियमानुसार बकाया राशि का भुगतान कराने के निर्देश देने की मांग की है।

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