
दुर्ग संभाग के सात जिलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने दिखाई रणनीति और बुद्धिमत्ता की मिसाल
प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित
विक्रांत ने शतरंज को बताया व्यक्तित्व विकास का श्रेष्ठ माध्यम
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। संगीत नगरी खैरागढ़ में मंगलवार को आयोजित जी.एच. रायसोनी मेमोरियल दुर्ग संभागीय एक दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता का भव्य समापन उत्साह, सम्मान और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। सरस्वती शिशु एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुर्ग संभाग के सातों जिलों यथा दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, मोहला-मानपुर-चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) से आए लगभग 70 से अधिक प्रतिभागियों ने अपने बौद्धिक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य विक्रांत सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा नेता एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य घम्मन साहू ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी मनोज गिड़िया एवं जिला भाजयुमो अध्यक्ष आयश सिंह बोनी उपस्थित रहे।
शतरंज केवल खेल नहीं, बुद्धिमत्ता का अनुशासन है- विक्रांत
समापन अवसर पर मुख्य अतिथि विक्रांत सिंह ने कहा कि शतरंज ऐसा खेल है जो व्यक्ति की रणनीतिक सोच, धैर्य और निर्णय क्षमता को विकसित करता है। उन्होंने कहा कि इतिहास में शतरंज को सदैव श्रेष्ठ बौद्धिक खेलों में गिना गया है और आज भी इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएं दी।
अध्यक्षीय उद्बोधन में घम्मन साहू ने शतरंज के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खैरागढ़ जैसे सांस्कृतिक नगर में इस प्रकार के आयोजन युवाओं को नई दिशा देने वाले हैं। समाजसेवी मनोज गिड़िया ने प्रतियोगिता की सफलता पर आयोजकों को बधाई दी तथा प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विजेताओं को दिया गया समारोहपूर्वक पुरस्कार
समापन अवसर पर विजेताओं को समारोह पूर्वक पुरस्कार वितरण किया गया जिसमें प्रथम बख्शी रजनीकांत (राजनांदगांव) को ₹7000 एवं ट्रॉफी
द्वितीय मयंक सोनारे (दुर्ग) को ₹5000 एवं ट्रॉफी, तृतीय शुभम सिंह (दुर्ग) को ₹3000 एवं ट्रॉफी, चतुर्थ शुभम सोनी (राजनांदगांव) को ₹2000 एवं ट्रॉफी,
पंचम आयुष कुमार वैष्णव (कवर्धा) को ₹1000 एवं ट्रॉफी के साथ छठवें से दसवें स्थान तक भव्य टाटिया (राजनांदगांव), गगन साहू (बालोद), सालिक नवाज मनिहार (राजनांदगांव), सत्यम वर्मा (राजनांदगांव) व
संदीप लालवानी (राजनांदगांव) इन सभी प्रतिभागियों को ₹500 एवं मेडल प्रदान किए गए। साथ ही विशेष वर्ग पुरस्कार की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ महिला प्रतिभागी
मडके इशिका (दुर्ग) को ₹1500 एवं ट्रॉफी अंजुम परवीन (कवर्धा) को ₹1000 एवं ट्रॉफी, केसीजी जिला के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में इंजीनियर शाहबाज अहमद को ₹1500 एवं ट्रॉफी जय जंघेल को ₹1000 एवं ट्रॉफी तथा वरिष्ठ खिलाड़ी वर्ग (55 वर्ष से अधिक)
मिर्जा मतीन (राजनांदगांव) को ₹1500 एवं ट्रॉफी, राजेंद्र द्विवेदी (कबीरधाम) को ₹750 एवं ट्रॉफी एवं विशेष दिव्यांग वर्ग श्रीहरि (एमएमसी) को ₹1500 एवं ट्रॉफी सार्थक वर्मा (राजनांदगांव) को ₹750 एवं ट्रॉफी अतिथियों ने संस्था की ओर से प्रदान की।
प्रतियोगिता में बाल प्रतिभाओं ने भी बिखेरा अपना हुनर
प्रतियोगिता में अंडर-07 वर्ग में अनाया पाणिग्रही (दुर्ग), स्वयं सिंह ठाकुर (केसीजी), अंडर-09 वर्ग में इधिका वरुडकर (राजनांदगांव), के.श्रेयशी (एमएमसी), अंडर-11 वर्ग में, सर्वेश लिहारे (दुर्ग), अमन जोशी (केसीजी), अंडर-13 वर्ग में राशि वरुडकर (राजनांदगांव), लक्ष्यिता राठी (राजनांदगांव), अंडर-15 वर्ग में पारिधि लिहारे (दुर्ग), संस्कार सोनी (दुर्ग) सहित सभी विजेता प्रतिभागियों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान सोशल मीडिया के दौर में शतरंज को बढ़ावा देने का आह्वान व कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन करते हुये जिला पत्रकार संघ के संरक्षक एवं शांतिदूत संस्था के संयोजक अनुराग शांति तुरे ने कहा कि आधुनिक समय में सोशल मीडिया और डिजिटल व्यस्तताओं के बीच शतरंज जैसे बौद्धिक खेल युवाओं को एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक सोच की दिशा देते हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों एवं समाजसेवियों से जिले में शतरंज को प्रोत्साहित करने की अपील की। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई शतरंज संघ के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन, उपाध्यक्ष यतेंद्र जीत सिंह, सचिव रॉकी देवांगन, कोषाध्यक्ष शेख जाहिद, निर्णायक अनिल शर्मा एवं दिव्यांशु उपाध्याय सहित समस्त सदस्यों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।