
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले के गातापार थाना पुलिस ने पशु क्रूरता और अवैध मवेशी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 मवेशियों को मुक्त कराया है। मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त दो पिकअप वाहन भी जब्त किए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को थाना गातापार के सामने नियमित वाहन जांच और नाकाबंदी की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि खैरागढ़ की ओर से आ रही दो सफेद रंग की पिकअप वाहनों में मवेशियों को अमानवीय तरीके से भरकर महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सतर्क हुई और दोनों वाहनों को रोककर जांच की गई।तलाशी के दौरान वाहनों में 5 भैंस 4 पड़िया और 2 पड़वा सहित कुल 11 मवेशी ठूंस-ठूंसकर भरे मिले। मवेशियों के गले में रस्सियां बंधी थीं तथा उन्हें बिना चारा-पानी के ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में नरेंद्र यादव निवासी कुरूद, जिला दुर्ग, मोहम्मद इंतजार निवासी भिलाई राज अंसारी निवासी जामुल तथा राज राजपूत निवासी कातलबोड़ जिला बेमेतरा शामिल हैं। पूछताछ में मोहम्मद इंतजार ने मवेशियों की खरीद-बिक्री का काम करने और महाराष्ट्र ले जाकर बेचने की योजना होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 2.05 लाख रुपये कीमत के 11 मवेशी, दो पिकअप वाहन तथा चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 15.36 लाख रुपये आंकी गई है। मामले में आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है जबकि दोनों प्रकरणों की विवेचना जारी है।