
जांच में सरपंच सचिव पर गंभीर वित्तीय अनियमितताएं प्रमाणित
सत्यमेव न्यूज जालबांधा। ग्राम पंचायत जालबांधा में फर्जी बिलों के जरिए शासकीय राशि के दुरुपयोग का मामला जांच में सही पाया गया है। उपसरपंच हरेश वर्मा एवं पंच बिरेन्द्र बंजारे द्वारा सरपंच संतोषी जंघेल और सचिव दुलार कोसरे के विरुद्ध की गई शिकायत की जांच में कई गंभीर वित्तीय और तकनीकी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। शिकायत की जांच 8 नवंबर 2025 एवं 26 दिसंबर 2025 को ग्राम पंचायत भवन जालबांधा तथा जनपद पंचायत खैरागढ़ के सभाकक्ष में की गई। इस दौरान आवेदक व अनावेदकों के मौखिक एवं लिखित बयान लिए गए दस्तावेजों का परीक्षण किया गया और संबंधित कार्यों का भौतिक सत्यापन भी किया गया। जांच में चार प्रमुख मदों में गड़बड़ियां सामने आईं।
मदिरा दुकान भवन निर्माण में लाखों का अंतर
जांच में पाया गया कि पंचायत द्वारा मदिरा दुकान संचालन हेतु भवन निर्माण कराया गया जिसमें फर्जी बिल लगाकर राशि आहरण किया गया। भवन निर्माण के लिए 7.90 लाख रुपये का बिल प्रस्तुत किया गया था जबकि अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा खैरागढ़ द्वारा किए गए मूल्यांकन में निर्माण की अनुमानित लागत 6.09 लाख रुपये पाई गई। इस कार्य के लिए पंचायत द्वारा कुल 6,36,230 रुपये का भुगतान किया गया। साथ ही यह भी सामने आया कि निर्माण कार्य का तकनीकी प्राक्कलन पंचायत द्वारा नहीं बनवाया गया जिससे शिकायत सही पाई गई।
गली मरम्मत में डस्ट के फर्जी बिल
गली मरम्मत के नाम पर 99 हजार रुपये के डस्ट के फर्जी बिल लगाकर बिना विधिवत प्रक्रिया के राशि आहरण की शिकायत की गई थी। जांच में सामने आया कि पंचायत प्रस्ताव तो पारित किया गया लेकिन वास्तविक कार्य मुरूम डलवाने का था जबकि भुगतान डस्ट के बिल पर किया गया। इस मद में कुल 1,28,700 रुपये का भुगतान किया गया जिससे यह शिकायत भी प्रमाणित हुई।
नाली मरम्मत में तकनीकी लापरवाही
वार्ड क्रमांक 01 में नाली मरम्मत के लिए 33 हजार रुपये का बिल लगाकर राशि आहरण किया गया। जांच में पाया गया कि कार्य बिना तकनीकी प्राक्कलन के कराया गया। भौतिक निरीक्षण के दौरान नाली में दरारें टूटा हुआ चेंबर तथा अधूरा कार्य पाया गया जिससे नाली मूल्यांकन योग्य नहीं मानी गई। इस मामले में सरपंच ने बताया कि मजदूरी व मटेरियल मद में 31,400 रुपये का भुगतान किया गया है तथा चेंबर निर्माण का कार्य शेष है। वहीं सचिव का कहना है कि यह बिल मासिक बैठक में प्रस्तुत किया गया था जिसे उपस्थित पंचों द्वारा अनुमोदन दिया गया। गली लाइट खरीदी में भंडार क्रय नियमों की अनदेखी गली लाइट खरीदी के लिए 35 हजार रुपये के फर्जी बिल की शिकायत पर जांच में पाया गया कि कुल 43 नग गली लाइट खरीदी गईं, जिनके लिए 30,020 रुपये का भुगतान किया गया। हालांकि इस खरीदी में भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया जिसे वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है।
अधिकांश आरोप प्रमाणित, कार्रवाई संभव
पूरे प्रकरण की जांच कार्यक्रम अधिकारी उपेन्द्र वर्मा, सहायक विकास विस्तार अधिकारी मिलन नेताम एवं तकनीकी सहायक दिनेश जंघेल द्वारा की गई। जांच प्रतिवेदन के अनुसार ग्राम पंचायत जालबांधा में सरपंच एवं सचिव द्वारा विभिन्न मदों में नियमों की अनदेखी कर फर्जी बिलों के माध्यम से राशि आहरण किया गया है। शिकायतकर्ता के आरोप अधिकांश बिंदुओं पर प्रमाणित पाए गए हैं। अब यह मामला प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ सकता है।