प्रभावित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, फसल नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग

कृषि विभाग ने दी जानकारी, बीमा लाभ के लिए संबंधित बीमा कंपनी या कृषि विभाग को देनी होगी सूचना
खैरागढ़। जिले में चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ और बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं और बारिश के चलते खेतों में पककर तैयार तथा कटाई के कगार पर खड़ी खरीफ धान की फसल गिरकर पानी में डूब गई है। इससे जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रभावित किसानों ने फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा एवं फसल बीमा राशि दिलाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। किसानों ने सहायक संचालक कृषि विभाग को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वे कराने की मांग की। उनका कहना है कि चक्रवात और लगातार बारिश के कारण जिले के कई गांवों में खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित हुई है। प्रभावित प्रमुख गांवों में बलदेवपुर, खुर्सीपार, दामरी, घोटिया, कलक्सा, टेकापार एवं बढ़ईटोला सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं।
बीमा मुआवजे के लिए समय पर सूचना देना जरूरी
इस संबंध में सहायक संचालक कृषि विभाग राजकुमार सोलंकी ने बताया कि फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को नियमानुसार संबंधित कृषि विभाग अथवा फसल बीमा कंपनी को नुकसान की सूचना देनी होगी। सूचना प्राप्त होने के बाद विभाग या बीमा कंपनी द्वारा नियमानुसार फसल क्षति का आकलन एवं सर्वे किया जाएगा। सर्वे और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर पात्र प्रभावित किसानों को फसल बीमा का लाभ प्रदान किया जाएगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में जल्द से जल्द फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए ताकि किसानों को समय पर उचित मुआवजा और बीमा राशि मिल सके। उनका कहना है कि फसल तैयार होने के समय प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान ने उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व जिला पंचायत सभापति विप्लव साहू, जितेंद्र साहू (उपसरपंच), राकेश साहू, तामेश्वर साहू, मूलचंद साहू, संतराम साहू, नैन कुमार यादव, बैसाखू यादव, संतोष सिरमौर, रोहित टंडन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान उपस्थित रहे।