
संचालनकर्ता कंपनी की लापरवाही और अपेक्षा बन रही आपातकालीन सेवा के लिए मुसीबत
वाहन की जर्जर स्थिति व स्टाफ की कमी बन रही चुनौती
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में आमजन की सुरक्षा से जुड़ी आपातकालीन डायल 112 सेवाएं संसाधनों की कमी और संचालन संबंधी कठिनाइयों के बावजूद निरंतर संचालित तो की जा रही हैं लेकिन वर्तमान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल पांच डायल 112 वाहन सेवाएं दे रहे हैं जबकि एक अतिरिक्त वाहन की आवश्यकता अब भी बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डायल 112 के लिए खैरागढ़ क्षेत्र में दो वाहन, जालबांधा, छुईखदान और गंडई में एक-एक वाहन संचालित हैं वहीं ठेलकाडीह क्षेत्र के लिए वाहन की मांग की गई है लेकिन अभी तक शासन स्तर से स्वीकृति नहीं मिल सकी है। फिलहाल ठेलकाडीह क्षेत्र में आपातकालीन सेवाओं का संचालन मातृ जिला राजनांदगांव से किया जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मार्च अथवा अप्रैल माह तक उक्त क्षेत्र को भी डायल 112 वाहन उपलब्ध कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। डायल 112 की डीडीसी प्रभारी एवं एएसआई सविता वर्मा ने बताया कि जिले में संचालित सभी पांच वाहन लगातार सेवाएं दे रहे हैं हालांकि वाहन काफी पुराने हो चुके हैं इसके बावजूद आपातकालीन सेवाओं में किसी प्रकार का व्यवधान न आए इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में जिला नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश कुमार गौतम ने बताया कि डायल 112 के संचालन में कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डायल 112 वाहन और चालकों का प्रबंधन निजी कंपनी के माध्यम से किया जाता है जबकि आपातकालीन कानून व्यवस्था से संबंधित कार्यों के लिए वाहन के साथ केवल एक पुलिसकर्मी तैनात रहता है। जानकारी के अनुसार संबंधित कंपनी द्वारा पिछले तीन माह से वाहन चालकों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है जिससे असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई है। एएसपी श्री गौतम ने बताया कि जिले में डायल 112 सेवाओं का संचालन तीन शिफ्टों में किया जाता है लेकिन वेतन भुगतान में विलंब और संसाधनों की कमी के चलते कुछ पुराने चालक नौकरी छोड़ चुके हैं। परिणामस्वरूप दो से तीन शिफ्टों में वाहन संचालन बाधित हो रहा है। सेवाओं में निरंतरता बनाए रखने के लिए फिलहाल आसपास के क्षेत्रों से डायल 112 वाहनों को भेजकर स्थिति संभाली जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर नई निविदा प्रक्रिया शीघ्र शुरू किए जाने की तैयारी चल रही है जिससे वाहनों और स्टाफ की कमी को दूर कर डायल 112 सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। आमजन को समय पर आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है।