कीटनाशक दुकानों पर कृषि विभाग की लगातार कार्रवाई, गोदाम सील

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक एवं उर्वरक उपलब्ध कराने और बिक्री में अनियमितता रोकने के लिए कृषि विभाग ने जिले में कीटनाशक विक्रय केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में कीटनाशक निरीक्षकों ने विभिन्न दुकानों में दस्तावेज, स्टॉक, मूल्य सूची और भंडारण व्यवस्था की जांच की।

11 सितंबर को विकासखंड खैरागढ़ के श्रीराम कृषि सेवा केंद्र धरमपुरा में खुले तथा अवसान हो चुके कीटनाशकों की बिक्री पाए जाने पर लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया गया वहीं श्रीराम कृषि केंद्र ग्राम मदराकुही खैरागढ़ में बिक्री प्रतिबंध लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर सीलबंदी की कार्रवाई की गई। लोधी ब्रदर्स कृषि केंद्र जालबांधा में भी बिक्री प्रतिबंध एवं कारण बताओ नोटिस की कार्रवाई की गई। इन केंद्रों से संदिग्ध कीटनाशकों के आठ नमूने लिए गए हैं।

विकासखंड छुईखदान के मयंक कृषि केंद्र में अवैध कीटनाशक जब्त कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साहिल कृषि केंद्र तेंदूभाठा और किसान कृषि केंद्र दनिया को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग के अनुसार संबंधित विक्रेताओं के जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में 12 सितंबर को जय मां शीतला कृषि केंद्र बिरुटोला में अवैध कीटनाशकों के भंडारण एवं बिक्री की पुष्टि होने पर सामग्री जब्त कर दुकान सील कर दी गई।

कृषि विभाग द्वारा लिए गए आठ संदिग्ध कीटनाशक नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। विश्लेषण में नमूने अमानक पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के साथ निर्माता कंपनी के विरुद्ध भी कीटनाशक अधिनियम के तहत अभियोजन की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। विभाग ने बताया कि पूरी कार्रवाई कीटनाशक अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशक नियम, 1971 के तहत की जा रही है। कृषि विभाग ने कहा है कि जिले में कीटनाशक एवं उर्वरकों की बिक्री और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध हो सकें और अनियमित बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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