
सीएमओ के अतिरिक्त प्रभार के विरोध में कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन

नगर का विकास अवरुद्ध होता देख कांग्रेस पार्षदों ने की नारेबाजी
सत्यमेव न्यूज गंडईपंडरिया। कांग्रेस के पदाधिकारियों और पार्षदों ने सोमवार को नगर पंचायत गंडई के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को खैरागढ़ नगर पालिका का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के विरोध में नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। इस घटनाक्रम से कुछ समय के लिए कार्यालयीन कार्य प्रभावित रहा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के पश्चात ताला खोल दिया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सीएमओ अविनाश देवांगन को दो निकायों की जिम्मेदारी सौंपे जाने से गंडई नगर पंचायत का नियमित कार्य संचालन बाधित हो रहा है। नागरिकों को सामान्य कार्यो के लिए भी बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं जिससे यहाँ असंतोष की स्थिति बन रही है।
नगर पंचायत अध्यक्ष लाल टारकेश्वर शाह खुसरों ने कहा कि गंडई को पूर्णकालिक अधिकारी उपलब्ध न कराना क्षेत्र की विकास योजनाओं को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित निर्णय बताते हुए मांग की कि गंडई नगर पंचायत में स्थायी रूप से अधिकारी की नियुक्ति की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती तब तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रहेगा।
सोमवार सुबह कार्यालय खुलने से पूर्व ही अध्यक्ष और पार्षदों ने मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर धरना दिया और नारेबाजी की। सूचना मिलते ही अनुविभागीय दंडाधिकारी अविनाश ठाकुर तथा तहसीलदार नेहा धुर्वे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनरत जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से उचित स्तर पर मांगों को प्रेषित करने का आश्वासन दिए जाने के बाद तालाबंदी समाप्त कर दी गई। प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शत्रुहन मन्नू चंदेल, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष भिगेश यादव, दिलीप आगरे, अमन सोनी, तामेश्वर साहू, अमित टंडन, रणजीत सिंह चंदेल, नारायण चतुर्वेदी, सोनल क्रांति ताम्रकार, हेमलता ठाकुर, किसुन मिर्चे, शैलेन्द्र दुबे, रूखमणी देवांगन, शैलेन्द्र जायसवाल, लियाक़त अली सहित अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था और नगर निकायों में अधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं और क्षेत्रवासियों की मांग है कि प्रशासन शीघ्र स्थायी समाधान सुनिश्चित करे ताकि विकास कार्य और नागरिक सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
