
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। नवीन शासकीय कन्या महाविद्यालय खैरागढ़ में राष्ट्रीय पक्षी दिवस के अवसर पर प्राचार्य डॉ.ओ.पी. गुप्ता के मार्गदर्शन में प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा “क्षेत्रीय पक्षियों में जैवविविधता” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में पक्षियों के महत्व, उनकी जैवविविधता तथा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत प्राणी-शास्त्र विभागाध्यक्ष मानिकचंद बंजारे द्वारा राष्ट्रीय पक्षी दिवस की शुभकामनाओं के साथ हुई। उन्होंने पक्षियों के पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए सुप्रसिद्ध पक्षी वैज्ञानिक डॉ.सलीम अली के शोध कार्यों एवं पुस्तकों की जानकारी दी। कार्यशाला में मुख्य अतिथि एवं वक्ता पक्षी शोधकर्ता प्रतीक ठाकुर ने छत्तीसगढ़ की राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना सहित हमिंग बर्ड, बगुले, पनडुब्बी पक्षी, उल्लू, चील, गौरैया तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं राजनांदगांव क्षेत्र में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों के आवास, भोजन, उपयोगिता और संरक्षण के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में कुल 1395 पक्षी प्रजातियां पायी जाती हैं जिनमें से 510 प्रजातियां छत्तीसगढ़ में तथा लगभग 300 प्रजातियां खैरागढ़ एवं राजनांदगांव क्षेत्र में हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य ने घर निर्माण, सिलाई और वायुयान जैसी तकनीकों की प्रेरणा भी पक्षियों से ही प्राप्त की है। पक्षी प्राकृतिक रूप से फसलों को कीटों से बचाने और परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जिससे वे पर्यावरण के अनिवार्य घटक हैं वहीं शहरीकरण, पेड़ों की कटाई, मोबाइल टावरों का रेडिएशन और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से पक्षियों के प्राकृतिक आवास और प्रजनन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। कार्यशाला के दौरान पक्षियों पर मंडरा रहे खतरों और उनके संरक्षण को लेकर सार्थक और महत्वपूर्ण परिचर्चा की गई। अंत में उपस्थित छात्राओं एवं प्राध्यापकों से पक्षी संरक्षण के लिये सक्रिय भूमिका निभाने तथा जंगल सफारी की तर्ज पर बर्ड वॉचिंग जैसी गतिविधियों को अपनाने की अपील की गई। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डॉ.मेधाविनी तुरे ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में क्षेत्रीय पक्षियों की भूमिका को रेखांकित करना और उनके संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाना है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्य अतिथि, शैक्षणिक स्टाफ एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पक्षियों के महत्व, उन पर उत्पन्न खतरों और संरक्षण पर आधारित एक आकर्षक चित्र प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अजय कुमार वर्मा, दुर्वासा सिन्हा, सुश्री सौम्या गुप्ता, सुश्री पायल सुधाकर, टिकेश्वरी साहू, शिखा जोशी, सौरभ साहू, वासुदेव साहू, वर्षा साहू, मैथिली पटेल सहित समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे।