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ईद-उल-अज़हा पर खैरागढ़ में दिखा भाईचारे और आस्था का संगम

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देने वाला पवित्र पर्व ईद-उल-अज़हा गुरुवार को खैरागढ़ में धार्मिक श्रद्धा और सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोगों में उत्साह का माहौल रहा। दाऊचौरा स्थित ईदगाह में सुबह सामूहिक नमाज अदा की गई जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मोहम्मद फखरुद्दीन रिज़वी ने अपने संबोधन में ईद-उल-अज़हा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व त्याग विश्वास और मानवता की सीख देता है। उन्होंने समाज में प्रेम सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। नमाज के बाद मुल्क की तरक्की अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष दुआ मांगी गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि ईद-उल-अज़हा हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी और अल्लाह के प्रति उनकी अटूट आस्था की याद में मनाया जाता है। यही कारण है कि इस पर्व को कुर्बानी का त्योहार भी कहा जाता है। जिला मुस्लिम समाज एवं इकरा फाउंडेशन के सचिव मोहम्मद याहिया नियाज़ी ने कहा कि यह पर्व सेवा त्याग और इंसानियत की भावना को मजबूत करता है तथा समाज को एक-दूसरे की मदद और भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा देता है। नमाज के बाद लोग कब्रिस्तान पहुंचे जहां उन्होंने अपने मरहूम परिजनों की मगफिरत के लिए फातिहा पढ़ी। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। पूरे नगर में उत्सव और सौहार्द का माहौल बना रहा। ईदगाह परिसर के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन सुबह से सक्रिय रहा। थाना प्रभारी अनिल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के अनेक वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे।

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