इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ। सम्मेलन का विषय भारतीय भाषा परिवार का राष्ट्रीय एकता में अवदान रहा जिस पर देशभर से आए विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात लेखक प्रो.श्रीराम परिहार खंडवा, मध्यप्रदेश रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो.राजन यादव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो.शिवप्रसाद शुक्ला इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज उपस्थित रहे। सम्मेलन के संयोजक डॉ.कौस्तुभ रंजन सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी विभाग रहे। सम्मेलन में प्रो.वरप्रसाद कोल्ला रायपुर, डॉ.उमाशंकर पांडे दिल्ली, प्रो.सावित्री त्रिपाठी बेल्हा, प्रो.आर. सुब्रमणि बिलासपुर, प्रो.रमेश सिंह प्रयागराज, प्रो.आर.ए.चौधरी, प्रो.यू.के.मिश्रा बिलाईगढ़ एवं प्रो.के. अजीता कोच्चि सहित अनेक विद्वानों ने सहभागिता दी।

छह से अधिक राज्यों से आए वक्ताओं ने संस्कृत, हिंदी, तमिल, मलयालम, छत्तीसगढ़ी, पंजाबी, बांग्ला, अंग्रेजी, अवधि सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं पर विचार विमर्श किया। वक्ताओं ने आधुनिकता के साथ भाषाओं के सामंजस्य उनके संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष जोर दिया। इस दौरान यह भी बताया गया कि भाषाओं के बीच शब्दों का आदान-प्रदान उन्हें अधिक समृद्ध बनाता है। सम्मेलन में पंजीकृत प्रतिभागियों द्वारा शोध पत्रों का वाचन भी किया गया। शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार एवं भारत भाषा समिति नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित यह सम्मेलन राष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। संयोगवश 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस भी मनाया गया जिस पर विशेष चर्चा की गई। समापन सत्र में डॉ.कौस्तुभ रंजन द्वारा सम्मेलन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा संचालन छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ.देवमाइत मिंज ने किया।

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