
संघर्ष, संगठन और समर्पण की राजनीति को मिली एक बार फिर मान्यता
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। भारतीय जनता युवा मोर्चा में संगठनात्मक निष्ठा, निरंतर सक्रियता और जमीनी संघर्ष की पहचान बन चुके आयश सिंह बोनी को एक बार फिर जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व ने उनके कार्य, संगठन कौशल और युवाओं के बीच मजबूत पकड़ पर भरोसा जताते हुए 2026 में पुनः उन्हें यह अहम दायित्व सौंपा है।
जानिए कैसा रहा है बोनी का राजनीतिक सफर
वर्ष 2015 में पॉलिटेक्निक कॉलेज खैरागढ़ में छात्रसंघ चुनाव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हुए बोनी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पैनल को विजय दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इसके पश्चात 2016 से 2018 तक बोनी शहर युवा मोर्चा की कार्यसमिति के सदस्य रहे जहां संगठन विस्तार में सक्रिय योगदान दिया वहीं वर्ष 2020 में उन्हें भाजयुमो जिला राजनांदगांव का जिला मंत्री बनाया गया। इस दौरान संगठनात्मक कार्यक्रमों, आंदोलनों एवं युवाओं को जोड़ने के कार्यों में उनकी सक्रियता ने उन्हें एक प्रभावी युवा नेतृत्व के रूप में स्थापित किया। नवीन जिला गठन के बाद वर्ष 2022 में उन्हें खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले का प्रथम भाजयुमो जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया जो उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। ज्ञात हो कि पार्टी नेतृत्व द्वारा सौंपे गए प्रत्येक दायित्व का उन्होंने पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ निर्वहन किया।
संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और युवाओं को भाजपा की विचारधारा से जोड़ने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है। पुनः जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद आयश सिंह बोनी ने कहा कि आगामी लक्ष्य 2026 का नगर पालिका परिषद चुनाव एवं 2028 का विधानसभा चुनाव है जिसमें क्षेत्र में भाजपा का कमल खिलाना प्राथमिक उद्देश्य रहेगा साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं को भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़कर संगठन को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया। बता दे कि आयश सिंह बोनी की पुनर्नियुक्ति को युवा मोर्चा में निरंतरता, अनुभव और संगठनात्मक स्थिरता के रूप में देखा जा रहा है जिससे जिले में भाजपा के युवा संगठन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।