
फर्जी आवेदनों की जांच की हुई मांग
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले सहित प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है तथा फॉर्म-7 के माध्यम से कथित रूप से फर्जी आवेदन देकर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटवाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि फॉर्म-7 के तहत प्राप्त आवेदनों की सत्यता जांचने की प्रक्रिया पर्याप्त रूप से नहीं अपनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में आवेदकों की पहचान का सत्यापन एवं हस्ताक्षरों का मिलान नहीं किया गया जो निर्वाचन संबंधी कानूनी प्रावधानों के विपरीत है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से एक ही व्यक्ति द्वारा एक दिन में कई आवेदन प्रस्तुत किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इनमें कई आवेदनों में नाम व पते में त्रुटियां पाई गईं। पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया से विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। पार्टी नेताओं के अनुसार प्रारंभिक प्रकाशन और आपत्ति अवधि समाप्त होने के बाद लॉजिकल विसंगतियों के आधार पर बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। बाहर रोजगार अथवा अन्य कारणों से निवास स्थान से दूर रहने वाले अनेक लोग समय पर जवाब नहीं दे सके जिसके कारण उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की बात कही जा रही है। पार्टी ने भारतीय निर्वाचन आयोग से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने संदिग्ध आवेदनों की समीक्षा करने तथा हटाए गए मतदाताओं के नामों का पारदर्शी पुनरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं होने की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है।