आमनेर नदी में पानी छोड़ने की पहल, जल संकट के बीच बंधी राहत की उम्मीद

सत्यमेव न्यूज जालबांधा। क्षेत्र में भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट को देखते हुए ग्राम पंचायत बफरा ने आसपास की ग्राम पंचायतों के सहयोग से पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन के समक्ष महत्वपूर्ण पहल की है। क्षेत्र में बहने वाली आमनेर नदी जो वर्तमान में लगभग सूखने की स्थिति में है को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से यह प्रयास किया गया है। ग्राम क्षेत्र में लगातार गिरते भू-जल स्तर सूखते पेयजल स्रोत और पशु पक्षियों के लिए उत्पन्न हो रहे गंभीर जल संकट को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर से रानी रश्मिदेवी जलाशय छिन्दारी बांध से पानी छोड़कर उसे आमनेर नदी में प्रवाहित करने का अनुरोध किया गया। इस पहल का उद्देश्य नदी के माध्यम से भू-जल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ाना है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर द्वारा जल संसाधन विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं जिसके तहत छिन्दारी बांध से पानी छोड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी और उसे आमनेर नदी में प्रवाहित किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार यदि छिन्दारी बांध से पानी आमनेर नदी में छोड़ा जाता है तो आसपास के गांवों में स्थित बोरवेल और कुओं का जल स्तर बढ़ने की संभावना है।

इससे ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी और पशु पक्षियों के लिए भी जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। ग्राम पंचायत बफरा शेरगढ़ का उद्देश्य केवल वर्तमान संकट का समाधान करना नहीं बल्कि क्षेत्र में जल संतुलन बनाए रखने के लिए दीर्घकालीन और समन्वित प्रयास करना भी है। वर्तमान में गांव के तालाबों में भी पानी की कमी के कारण दैनिक उपयोग और नहाने जैसी आवश्यकताओं में कठिनाई हो रही है। एक लोटा जल और सौ समस्या का हल के संदेश के साथ ग्राम पंचायत ने लोगों से जल के महत्व को समझने और इसके संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की है। साथ ही जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के प्रयासों में जनभागीदारी को आवश्यक बताया गया है। ग्राम पंचायत बफरा क्षेत्र की जनसमस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखने की बात कही गई है।

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