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अवैध नामांतरण और मिनरल वाटर प्लांट पर अब तक कार्रवाई नहीं, शिकायतकर्ता ने प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

सत्यमेव न्यूज गंडई पंडरिया। नगर के कोपेभाठा क्षेत्र में कथित अवैध नामांतरण और मिनरल वाटर प्लांट संचालन के मामले में अब तक विभागीय कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता वीरेंद्र देवांगन ने वर्ष 2022 में एसडीएम कार्यालय गंडई में शिकायत दर्ज कराई थी वहीं 22 अप्रैल 2026 को पुनः रिमाइंडर आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। इसके बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम कोपेभाठा तहसील गंडई स्थित खसरा नंबर 232, रकबा 1 एकड़ 68 डिसमिल भूमि उनकी नानी स्वर्गीय मंगतीन बाई के नाम दर्ज थी। उक्त भूमि पर वारिस बहरीन बाई, सामवती बाई, घासीराम, नीरा बाई, ईश्वरी बाई और धर्म उर्फ गोदावरी का समान अधिकार बताया गया है। आरोप है कि वारिस घासीराम ने राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर लगभग 1 एकड़ 18 डिसमिल भूमि का नामांतरण अपने नाम पर करा लिया जबकि अन्य वारिसों की सहमति और हस्ताक्षर नहीं लिए गए । मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवादित भूमि पर संचालित मिनरल वाटर प्लांट में कई प्रकार की अनियमितताएं हैं। शिकायत में कहा गया है कि प्लांट संचालन के लिए नगर पंचायत से अनुमति नहीं ली गई है। साथ ही बिजली कनेक्शन किसी अन्य स्थान के नाम पर लिया गया है तथा फूड और आईएसआई लाइसेंस में दर्ज लोकेशन से अलग स्थान पर प्लांट संचालित किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि प्लांट में उपयोग किया जा रहा ट्रेड नाम और लोगो एक प्रतिष्ठित मसाला कंपनी से मिलता जुलता है जिस संबंध में न्यायालय में मामला विचाराधीन है। इधर मामले को लेकर एसडीएम गंडई अविनाश ठाकुर ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामला न्यायालय में प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि सुनवाई लगभग पूरी हो चुकी है तथा जल्द आदेश जारी किया जाएगा। आदेश के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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