
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट राज्य के समग्र विकास की नई रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है जो राज्य की आर्थिक मजबूती और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस बजट में गरीब युवा अन्नदाता किसान नारीशक्ति स्वास्थ्य और शिक्षा को केंद्र में रखते हुए व्यापक प्रावधान किए गए हैं। सरकार का दावा है कि यह बजट विकास की नई गाथा लिखेगा और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कृषि उन्नति योजना अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। महिला सशक्तिकरण के तहत महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिससे प्रदेश की महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सड़क एवं परिवहन अधोसंरचना के विकास के लिए 2000 करोड़ रुपये की सड़क योजना को स्वीकृति दी गई है। वहीं उद्योग और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए 700 करोड़ रुपये का इंडस्ट्रियल सब्सिडी सपोर्ट रखा गया है जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए 12 नए इंजीनियरिंग कॉलेज और 12 नए पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रारंभ करने की योजना बनाई गई है। इससे तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को प्रदेश में ही उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। यह बजट वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है जिसमें छत्तीसगढ़ की विशेष और अग्रणी भूमिका तय करने का प्रयास किया गया है।