
जिले की प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़. अखिल भारतीय कायस्थ महासभा महिला प्रकोष्ठ जिला खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई के तत्वावधान में मंगल भवन टिकरीपारा छुईखदान में स्वामी विवेकानंद जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता रही और युवाओं को प्रेरित करने वाले विचारों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशेष बना दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ कायस्थ समाज के आराध्य देव भगवान चित्रगुप्त की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात स्वामी विवेकानंद जी के तैलचित्र पर तिलक एवं माल्यार्पण कर उनके राष्ट्रनिर्माण से जुड़े विचारों को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और युवा शक्ति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका चिंतन आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक है।
इस अवसर पर नन्हें कायस्थ बच्चों द्वारा स्वामी विवेकानंद से संबंधित कविता पाठ, भाषण एवं गायन की सुंदर प्रस्तुतियां दी गई जिन्हें उपस्थितजनों ने सराहा। प्रतिभागी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार प्रदान किए गए जिससे बच्चों में आत्मविश्वास और सृजनात्मकता का संचार हुआ।कार्यक्रम के विशेष आकर्षण के रूप में कायस्थ समाज के तीन होनहार युवाओं डाॅ.सुरभि मृगांक खरे, स्नेहिल श्रीवास्तव एवं अंशुल बख्शी को उनके उत्कृष्ट कार्य, प्रतिभा और समाज के प्रति योगदान के लिए “युवा प्रेरणा पुरस्कार–2026” से सम्मानित किया गया। उन्हें प्रतीक चिन्ह प्रदान कर समाज की ओर से उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन में डाॅ.रश्मि खरे, श्रीमती शशिबाला श्रीवास्तव, सुनीता-अमिताभ बख्शी, शीतल श्रीवास्तव, ज्योति श्रीवास्तव, अमिता श्रीवास्तव (सचिव), दीप्ति श्रीवास्तव (अध्यक्ष), नुपूर श्रीवास्तव (कोषाध्यक्ष), रूचि बख्शी, पूनम श्रीवास्तव, सुनीता-सूर्यकांत बख्शी, कु. स्नेहा श्रीवास्तव, अमिषा बख्शी सहित बड़ी संख्या में महिला सदस्य उपस्थित रहे वहीं पुरुष वर्ग से सर्वश्री कमलेश बख्शी, अमिताभ बख्शी, आलोक बख्शी, जयदीप श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव, गौरव बख्शी, मृगांक खरे, सौरभ श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, आयुष बख्शी, श्रेयांश श्रीवास्तव, दीक्षक श्रीवास्तव, अक्षांश श्रीवास्तव सहित अनेक कायस्थ परिवारों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने समाज के युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने और शिक्षा, सेवा एवं संस्कार के माध्यम से समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।