स्वामी आत्मानंद स्कूलों के संविदा कर्मचारियों ने उठाई समान अवकाश की मांग

छुईखदान। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षक एवं कर्मचारियों ने नियमित शिक्षकों के समान अवकाश सुविधा प्रदान करने की मांग उठाई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन जिला केसीजी एवं छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अपनी मांगों के निराकरण की अपील की है।संघ का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संविदा कर्मचारियों को वर्ष में 30 आकस्मिक अवकाश (सीएल) मिलने का हवाला देते हुए दशहरा, दीपावली एवं शीतकालीन अवकाश का लाभ नहीं देने की बात कही जा रही है। साथ ही उनका शैक्षणिक सत्र 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक निर्धारित किए जाने की बात भी सामने आई है। संघ ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों में संविदा कर्मचारियों को भी विद्यालय के निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार अन्य शिक्षकों की तरह अवकाश का लाभ मिलता रहा है। खैरागढ़ जिले में भी पूर्व से यही व्यवस्था लागू रही है। ऐसे में नई व्यवस्था से कर्मचारियों में असमंजस एवं असमानता की भावना उत्पन्न हो रही है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी भी नियमित शिक्षकों की तरह पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कार्यों का निर्वहन करते हैं। इसके बावजूद केवल संविदा कर्मचारी होने के आधार पर अलग अवकाश व्यवस्था लागू करना उनके मनोबल को प्रभावित कर सकता है।संघ की प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारियों को दशहरा, दीपावली एवं शीतकालीन अवकाश का लाभ अन्य शिक्षकों के समान दिया जाए तथा उनका शैक्षणिक सत्र भी विद्यालय के निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप रखा जाए शामिल है। संघ ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पूर्ववत व्यवस्था बहाल करने और संविदा कर्मचारियों को प्रदेश के अन्य जिलों के समान अवकाश सुविधा प्रदान करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।

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