सुशासन में ये कैसा न्याय: पटवारी प्रतिवेदन के बावजूद रुका प्रधानमंत्री आवास निर्माण

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास निर्माण कार्य पर लगे स्थगन आदेश को लेकर ग्राम पंचायत बफरा ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। पंचायत का कहना है कि राजस्व अमले की जांच में निर्माण कार्य आबादी भूमि पर पाया जाने के बावजूद आदेश हटाए जाने में विलंब हो रहा है जिससे एक विधवा हितग्राही को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत बफरा निवासी श्रीमती लता बाई पाठक के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ है। आवास का निर्माण ग्राम की प्रचलित आबादी भूमि स्थित खसरा क्रमांक 598 में किया जा रहा है। पंचायत के अनुसार 30 मई 2026 को संबंधित हल्का पटवारी द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण में भी निर्माणाधीन मकान आबादी भूमि पर स्थित पाया गया था।
इसके बावजूद निर्माण कार्य पर लगाया गया स्थगन आदेश अब तक प्रभावी बना हुआ है। 8 जून 2026 को तहसीलदार न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई होने के बाद भी आदेश में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि राजस्व निरीक्षण में तथ्य स्पष्ट होने के बाद भी निर्माण कार्य बाधित रहना कई सवाल खड़े करता है। स्थगन आदेश के कारण मकान की छत ढलाई का कार्य रुक गया है। निर्माण स्थल पर लगी सेंटरिंग सामग्री का किराया लगातार बढ़ रहा है, वहीं खुले में रखी सीमेंट एवं अन्य निर्माण सामग्री के खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है। इससे हितग्राही को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत बफरा की सरपंच श्रीमती सरोजनी विजय लहरे ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब एवं आवासहीन परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। यदि पात्र हितग्राहियों के निर्माण कार्य प्रशासनिक अथवा प्रक्रियागत कारणों से अनावश्यक रूप से बाधित होते हैं तो इससे योजना के उद्देश्य प्रभावित होते हैं। पंचायत ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित पक्षों की उपस्थिति में पुनः सीमांकन कराने तथा पात्र हितग्राही को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की है। पंचायत का कहना है कि किसी भी गरीब और जरूरतमंद परिवार को अनावश्यक विलंब एवं प्रशासनिक जटिलताओं के कारण परेशानी नहीं उठानी चाहिए। सरपंच श्रीमती लहरे ने कहा कि ग्राम पंचायत गरीब एवं कमजोर वर्ग के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हितग्राही को न्याय मिलने तक इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष उठाती रहेगी।

Exit mobile version