परीक्षा के समय भी कई विद्यालयों में नहीं मिल रहे शिक्षक
छात्रों की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा असर
छुईखदान। विकासखंड शिक्षा कार्यालय छुईखदान के अंतर्गत संचालित संकुल केंद्रों में पदस्थ शिक्षक समन्वयकों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में लगभग 40 संकुल केंद्र संचालित हैं जिनमें करीब 40 शिक्षक समन्वयक के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि समन्वयक सप्ताह में चार दिन अपने मूल विद्यालय में अध्यापन कार्य करेंगे तथा दो दिन संकुल स्तर पर निरीक्षण एवं समन्वय कार्य करेंगे। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर कई समन्वयकों द्वारा नियमों की अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। जानकारी अनुसार अनेक समन्वयक नियमित रूप से अपने विद्यालयों में उपस्थित नहीं रहते और विभिन्न बाहरी कार्यों का हवाला देकर अनुपस्थित रहते हैं। इसका सीधा प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। वर्तमान में परीक्षा सत्र चल रहा है, ऐसे में विद्यार्थियों को शिक्षकों की विशेष आवश्यकता होती है लेकिन कई विद्यालयों में समन्वयकों की अनुपस्थिति से शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अभिभावकों और क्षेत्रीय नागरिकों में इस स्थिति को लेकर असंतोष व्याप्त है।बताया जा रहा है कि जब विभागीय अधिकारी समन्वयकों को नियमित अध्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हैं तो कुछ समन्वयक सामूहिक रूप से विरोध या हड़ताल की चेतावनी देने लगते हैं। इससे विभागीय नियंत्रण व्यवस्था भी कमजोर होती नजर आ रही है। व्यवस्था से जुड़े स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्तमान ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भी इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में असहाय दिखाई दे रहे हैं जिसके कारण विद्यालयों में अनुशासन और नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।क्षेत्रवासियों ने शासन और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर समन्वयकों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली सुनिश्चित की जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।
