विभाजन की पीड़ा को किया गया याद, एकता और सद्भाव का लिया संकल्प

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। भारत विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों की स्मृति में शुक्रवार को कलेक्टर सभाकक्ष खैरागढ़ में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभाजन के दौरान मारे गए नागरिकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई साथ ही विभाजन की घटनाओं पर आधारित वीडियो और छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से इतिहास के इस संवेदनशील अध्याय को याद किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष गिरिजा चंद्राकर, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, पुलिस अधीक्षक लक्ष्य विनोद शर्मा, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना और माल्यार्पण से हुई। इसके बाद वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए नागरिकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। कार्यक्रम में भारत विभाजन की विभीषिका पर आधारित वीडियो प्रदर्शित किया गया जिसमें विभाजन के समय पैदा हुई परिस्थितियों, बड़े पैमाने पर हुए विस्थापन, जनहानि और आम लोगों की पीड़ा को दर्शाया गया।

जनसंपर्क विभाग की ओर से कार्यक्रम स्थल पर विभाजन की विभीषिका वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ और तिरंगा यात्रा पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में विभाजन से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम विस्थापितों की पीड़ा और उस समय आम नागरिकों के सामने आई चुनौतियों को चित्रों एवं सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा वंदे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा तथा तिरंगा यात्रा से जुड़े प्रसंग भी प्रदर्शनी का हिस्सा रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर ऐतिहासिक घटनाओं और राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों की जानकारी ली।

जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार ने कहा कि भारत विभाजन देश के इतिहास की ऐसी त्रासदी है जिसे भुलाया नहीं जा सकता। लाखों लोगों को घर-परिवार और अपनी जमीन छोड़कर विस्थापित होना पड़ा तथा अनेक परिवारों ने अपनों को खोया है। उन्होंने कहा कि विभाजन की स्मृतियों को जीवित रखने का उद्देश्य केवल अतीत को याद करना नहीं बल्कि नई पीढ़ी को एकता भाईचारे और सामाजिक समरसता का महत्व समझाना भी है।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि विभाजन की त्रासदी हमें सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे के महत्व का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि देश ने कठिन दौर से गुजरकर विकास और प्रगति की दिशा में मजबूत स्थिति बनाई है। उन्होंने इतिहास के कड़वे अनुभवों से सीख लेने और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने कहा कि भारत विभाजन का दौर इतिहास का बेहद संवेदनशील अध्याय है। उस समय लाखों लोगों ने असहनीय पीड़ा झेली और अनेक परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। ऐसे आयोजन इतिहास को समझने और उससे सीख लेने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि देश की एकता अखंडता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभाजन की स्मृति हमें इतिहास के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ-साथ राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपने दायित्व का भी बोध कराती है। उन्होंने कहा कि इतिहास को याद करने का उद्देश्य उससे सीख लेकर वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाना है। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य अरुणा बनाफर, दिनेश वर्मा, पूर्व जिला पंचायत सभापति घम्मन साहू, विकेश गुप्ता, गोरेलाल वर्मा, विशेषर साहू, सुमित टाडिया, नीलिमा गोस्वामी, अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार ठाकुर, सुमन राज, एसडीएम टांकेश्वर प्रसाद साहू, डिप्टी कलेक्टर पूजा पिंचा, रेणुका रात्रे, देवेश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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