
चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सीधा संवाद कर पुलिस ने बताए साइबर अपराध से बचने के तरीके
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान के तृतीय सप्ताह का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। अभियान के तहत पुलिस टीमों द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों से सीधे संवाद कर उन्हें बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। चौक-चौराहों बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों की जानकारी दी। इस दौरान उन्हें विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट पुलिस CBI अथवा ED अधिकारी बनकर किए जाने वाले फर्जी कॉल वीडियो कॉल के जरिए धमकी देने और डराकर रकम ऐंठने वाले मामलों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड बैंक खाते से जुड़ी जानकारी अथवा अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। संदिग्ध फोन कॉल या वीडियो कॉल आने पर घबराने के बजाय इसकी सूचना संबंधित पुलिस को दें और किसी भी परिस्थिति में दबाव में आकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें। अभियान के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। साइबर ठग अक्सर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर ठगी करते हैं। ऐसे मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने और आगे की कार्रवाई में मदद मिल सकती है। जिला पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाकर ही नागरिकों को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखा जा सकता है। साइबर जागृति अभियान के माध्यम से लगातार लोगों तक पहुंचकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
KCG पुलिस का संदेश है जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव हैं।