मौत की फर्जी शिकायत के बाद एसआईआर की पेशी में हाजिर हुईं 96 वर्षीय नूरजहां बेगम

सत्यमेव न्यूज छुईखदान। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सर्वे के तहत मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मामले में आज एसडीएम कार्यालय में सुनवाई हुई। इस दौरान 96 वर्षीय नूरजहां बेगम स्वयं पेशी में उपस्थित हुईं और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रशासन के समक्ष उन्होंने कहा, “साहब ने मान लिया कि मैं जिंदा हूं।” गौरतलब है कि वार्ड क्रमांक 10 की निवासी नूरजहां बेगम पति स्व.रफीक अहमद के संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा फर्जी रूप से मृत घोषित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस मामले ने नगर सहित पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया था। आज की पेशी में शिकायतकर्ता उपस्थित नहीं हुए। नूरजहां बेगम ने बताया कि उन्होंने देश की आज़ादी अपनी आंखों से देखी है। उनके पति स्वर्गीय रफीक अहमद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान में मलेरिया इंस्पेक्टर के पद पर वर्षों तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। एसआईआर को लेकर मुस्लिम समाज में भय का माहौल
एसआईआर सर्वे शुरू होने के बाद से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई क्षेत्र में मुस्लिम समाज के लोगों के खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आने से समाज में भय का वातावरण बन गया था। कई लोग मानसिक तनाव में आ गए थे। आज पेशी के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एक महिला एक माह की बच्ची को लेकर पेशी में पहुंची और बताया कि बीते एक महीने से परिवार तनाव में है।

पेशी के दौरान छुईखदान के छोटे राजा कहे जाने वाले कांग्रेस नेता देवराज किशोर दास भी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और मुस्लिम समाज के लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी का नाम गलत तरीके से नहीं काटा जाएगा। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि छुईखदान में मुस्लिम समाज की उपस्थिति 150 वर्ष पुरानी है और 1904 में राजा द्वारा बनवाई गई मस्जिद इसका प्रमाण है।

मुस्लिम समाज ने फर्जी शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। समाज ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से भी शिकायत करने का निर्णय लिया है। पेशी के दौरान मुस्लिम समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।

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