महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने कृषि महाविद्यालय की पहल

छुईखदान। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रानी अवंती बाई लोधी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र छुईखदान के विद्यार्थियों ने ग्राम बीरुटोला में महिलाओं को टमाटर सॉस (टोमैटो केचअप) बनाने का प्रशिक्षण दिया। ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण में महिलाओं को टमाटर के प्रसंस्करण और उससे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की विधि बताई गई।

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि टमाटर का अधिक उत्पादन होने पर किसानों को कई बार बाजार में उचित मूल्य नहीं मिल पाता। ऐसे में टमाटर से सॉस सहित अन्य खाद्य उत्पाद तैयार कर उन्हें बाजार में बेचने से उपज का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलने के साथ ही कृषि उत्पादों की बर्बादी भी कम होगी।विद्यार्थियों ने बताया कि कृषि उपज के प्रसंस्करण से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। विशेषकर महिला स्व-सहायता समूह इस तरह के छोटे उद्यम शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं। इससे महिलाओं को आय के नए साधन उपलब्ध कराने और गांवों में कृषि आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। यह प्रशिक्षण महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.अविनाश गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ.अरविंद नंदनवार, कार्यक्रम समन्वयक डॉ.ओपी सोनवानी, डॉ.सेवक ढेंगे तथा डॉ.अजित का मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा।

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