
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के अध्यक्ष विजय कुमार होता तालुका विधिक सेवा समिति खैरागढ़ की अध्यक्ष मोहनी कंवर और सचिव निलेश जगदल्ला के मार्गदर्शन में ग्राम जुरला खुर्द में मध्यस्थता विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को मध्यस्थता के महत्व एवं उसकी प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलिंटियर गोलूदास साहू ने बताया कि मध्यस्थता आपसी मतभेदों को सुलझाने का प्रभावी और सरल माध्यम है। यह न्यायिक प्रक्रिया से अलग एक वैकल्पिक व्यवस्था है जिसमें प्रशिक्षित एवं निष्पक्ष मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य स्थापित कर समझौता कराने का प्रयास करता है। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का निराकरण होने पर संबंधित पक्षों को कोर्ट फीस वापस मिल जाती है। यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क होती है और किसी भी स्तर पर अपनाई जा सकती है। कार्यक्रम में आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की जानकारी भी दी गई। इसमें राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना दावा, बैंक रिकवरी, सिविल एवं निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामले तथा पारिवारिक विवादों के निराकरण पर चर्चा की गई। शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को अन्य विधिक जानकारियां भी दी गईं तथा प्रश्नोत्तरी के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया कार्यक्रम में ग्राम सरपंच मो. नासिर अहमद, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।