बाजार अतरिया स्कूल में बाल सुरक्षा पर विशेष जन-जागरूकता अभियान

सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाजार अतरिया में महिला एवं बाल विकास विभाग खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा बाल विवाह पॉक्सो (POCSO) अधिनियम एवं चाइल्ड हेल्पलाइन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों उनके अधिकारों तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रभारी विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी संतोषी वैष्णव ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह कराने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ शोषण या अनुचित व्यवहार की जानकारी तुरंत अभिभावकों शिक्षकों अथवा संबंधित विभाग को देने की अपील की है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बाल अधिकार साइबर सुरक्षा लैंगिक अपराध पॉक्सो कानून एवं चाइल्ड हेल्पलाइन से जुड़े प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सरल भाषा में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बच्चों को निर्भीक होकर अपनी बात रखने और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के आउटरीच वर्कर आशीष कुमार, गजेंद्र धुर्वे, फूल सिंह मरकाम तथा चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर विवेक राजपूत ने विभाग द्वारा संचालित बाल संरक्षण योजनाओं और चाइल्ड हेल्पलाइन की सेवाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग से संपर्क करने का आग्रह किया है। विद्यालय के प्राचार्य आर. वर्मा ने कहा कि बदलते समय में विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ कानूनी और सामाजिक जागरूकता देना भी जरूरी है। उन्होंने इस पहल को बच्चों के सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग का आभार व्यक्त किया है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के साथ बाल विवाह की रोकथाम लैंगिक अपराधों से सुरक्षा तथा बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा है।

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