बच्चों को सिखाया अचूक सुरक्षा का मंत्र, बिछड़ने पर घबराने के बजाय मदद लेने की दी सीख

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। भीड़भाड़ वाले बाजार गार्डन और सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों के परिजनों से बिछड़ने की स्थिति को देखते हुए खैरागढ़ पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस टीम ने गार्डन एवं मार्ट बाजार पहुंचकर बच्चों से संवाद किया और उन्हें आपात स्थिति में सुरक्षित रहने के जरूरी उपाय बताए। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को समझाया कि यदि वे कभी माता-पिता या परिजनों से बिछड़ जाएं तो घबराकर अकेले इधर-उधर न जाएं। उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर रुककर पुलिसकर्मी सुरक्षा गार्ड दुकानदार या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से मदद मांगनी चाहिए। बच्चों को विशेष रूप से माता-पिता का मोबाइल नंबर याद रखने की सीख दी गई ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे तत्काल संपर्क किया जा सके। अभियान के दौरान बच्चों को अपना नाम माता-पिता का नाम और घर का पता याद रखने के लिए भी प्रेरित किया गया। साथ ही पुलिस ने बच्चों को अनजान व्यक्ति के साथ कहीं नहीं जाने और किसी अजनबी से खाने-पीने की वस्तु या अन्य सामान नहीं लेने की समझाइश दी।

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को कम से कम माता-पिता का एक मोबाइल नंबर अवश्य याद करवाएं। इसके साथ ही बच्चों को अपना नाम अभिभावकों के नाम और घर का पता बताने का अभ्यास कराएं। पुलिस का कहना है कि छोटी उम्र से बच्चों को सुरक्षा संबंधी व्यवहार की जानकारी देने से आपात परिस्थितियों में वे सही निर्णय ले सकेंगे और परिजनों से जल्दी मिल सकेंगे। खैरागढ़ पुलिस का संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। एक मोबाइल नंबर बच्चे के लिए आपात स्थिति में अपनों तक पहुंचने का मजबूत सहारा बन सकता है।

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