प्रसव पीड़ा के बीच एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, 108 संजीवनी सेवा बनी जीवनदायिनी

खैरागढ़। आपातकालीन परिस्थितियों में 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा एक बार फिर जीवनदायिनी साबित हुई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रसव पीड़ा बढ़ने पर एंबुलेंस में गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता और सूझबूझ से महिला ने स्वस्थ बालक को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा और नवजात को बेहतर चिकित्सकीय देखभाल के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव पहुंचाया गया जहां दोनों की स्थिति स्वस्थ बताई गई है। जानकारी अनुसार पांडादाह क्षेत्र के ग्राम बैगाटोला निवासी 26 वर्षीय तनुजा वर्मा, पति चंद्रकुमार वर्मा, को प्रसव पीड़ा होने पर 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा से मदद मांगी गई। सूचना मिलते ही एंबुलेंस शाम 5:27 बजे रवाना हुई और 5:40 बजे महिला के पास पहुंच गई। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन रास्ते में प्रसव पीड़ा तेज होने के कारण एंबुलेंस में ही प्रसव कराना जरूरी हो गया।

विषम परिस्थिति में एंबुलेंस के ईएमटी गुमान साहू और पायलट रविशंकर ने तत्परता दिखाते हुए प्रसव में सहायता की। ईएमई कीर्ति सर और ईआरसीपी डॉ.सरस्वती के मार्गदर्शन में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई गई। इस दौरान महिला ने स्वस्थ बालक को जन्म दिया। नवजात का वजन लगभग ढाई किलोग्राम बताया गया है। प्रसव के बाद जच्चा और नवजात को आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं आगे की देखभाल के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव पहुंचाया गया जहां दोनों को वार्ड में भर्ती किया गया। उपलब्ध जानकारी अनुसार मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता, जिम्मेदारी और चिकित्सकीय मार्गदर्शन से सुरक्षित प्रसव संभव हो सका। इस घटना ने जरूरत के समय त्वरित आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित किया है।

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