
आवास मित्र चेतना जंघेल को किया गया कार्य से पृथक
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। छुईखदान जनपद के ग्राम पंचायत रोड अतरिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है जांच में खुलासा हुआ कि लाभार्थी अजेन यादव पिता बरसन यादव का आवास आज भी अधूरा है बावजूद इसके कागजों में मकान को पूर्ण दर्शाकर शासन की पूरी राशि निकाल ली गई। ज्ञात हो कि लाभार्थी का आवास केवल छज्जा स्तर तक ही बना है जबकि विभागीय दस्तावेजों में इसे पूर्ण बताकर भुगतान कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण में फर्जी जियो-टैगिंग गलत प्रविष्टियां और मजदूरी भुगतान में अनियमितता सामने आई है विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में अजेन यादव के नाम प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ। पहली किश्त 40 हजार रुपये के लिए 9 सितंबर 2024 को जियो-टैगिंग की गई और 17 सितंबर 2024 को राशि का भुगतान किया गया इसके बाद दूसरी किश्त 55 हजार रुपये के लिए 16 जुलाई 2025 को आवास को छज्जा लेवल दर्शाते हुए जियो-टैग किया गया जिसके आधार पर 16 मई 2025 को भुगतान दर्ज है सबसे गंभीर अनियमितता तीसरी और अंतिम किश्त में सामने आई रिकॉर्ड के मुताबिक 5 जुलाई 2025 को आवास को पूर्ण बताने के लिए जियो-टैगिंग की गई लेकिन यह टैगिंग लाभार्थी के अधूरे मकान में नहीं बल्कि किसी अन्य पक्के मकान में की गई थी इसी फर्जी जियो-टैगिंग के आधार पर 27 जुलाई 2025 को 25 हजार रुपये की अंतिम किश्त भी हितग्राही के खाते में डाल दी गई। ज्ञात हो कि मामला मीडिया में उजागर होने के बाद जनपद पंचायत छुईखदान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आदेश क्रमांक 363 आ.मि 2025-26 दिनांक 06 फरवरी 2026 जारी कर आवास मित्र चेतना जंघेल क्लस्टर खैरानवापारा ग्राम पंचायत अतरिया खैरानवापारा को तत्काल प्रभाव से कार्य से पृथक कर दिया उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी चंगुर्दा प्रकरण में बिना आवास निर्माण के मकान को पूर्ण बताने के मामले में संबंधित आवास मित्र पर कार्रवाई हो चुकी है इसके बावजूद इस तरह की गड़बड़ियों का दोहराया जाना प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है अब देखना यह है कि इस मामले में केवल आवास मित्र पर ही कार्रवाई होती है या फिर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।