तीन बैगा आदिवासी महिलाओं को मिला ई-रिक्शा

सत्यमेव न्यूज छुईखदान। विशेष पिछड़ी जनजाति (बैगा) समुदाय की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। ग्राम पंचायत कुम्हरवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में बैगा जनजाति की तीन महिलाओं को जिला खनिज न्यास मद से ई-रिक्शा प्रदान किए गए। इससे महिलाओं को नियमित आय का साधन मिलने के साथ बकरकट्टा साल्हेवारा क्षेत्र के ग्रामीणों को स्थानीय आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने तीनों महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए। उन्होंने महिलाओं को इस अवसर का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजाति सहित जरूरतमंद परिवारों को रोजगार स्वरोजगार और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

ई-रिक्शा प्राप्त करने वाली महिलाओं में सरोधी निवासी संतोषी नेताम, मुरूम (गेरूखदान) निवासी सगनिया नेताम तथा बंजारपुर (समनापुर) निवासी अरतकुंवर शामिल हैं। इनके लिए ई-रिक्शा महज परिवहन का साधन नहीं बल्कि नियमित आय और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई शुरुआत है। बकरकट्टा-साल्हेवारा क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ई-रिक्शा संचालन शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। वहीं ई-रिक्शा संचालित करने वाली महिलाओं को रोजगार और नियमित आमदनी का अवसर प्राप्त होगा।

जिला प्रशासन की यह पहल केवल ई-रिक्शा वितरण तक सीमित नहीं है बल्कि बैगा समुदाय की महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा में लाने का प्रयास है। स्वरोजगार मिलने से महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने परिवार की आय में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी। ई-रिक्शा मिलने पर महिलाओं के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास नजर आया। यह पहल विशेष पिछड़ी जनजाति की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी प्रभावी कदम साबित हो सकती है। कार्यक्रम में जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी केश्वरी देवांगन, जनपद सदस्य मन्नू मरकाम, जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी स्थानीय जनप्रतिनिधि महिला समूहों की सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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