
रोजगार दिवस और आवास दिवस का हुआ आयोजन
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले की 221 ग्राम पंचायतों में बुधवार को एक साथ चावल महोत्सव रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर प्रत्येक माह की 7 तारीख को आयोजित किया जाता है जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं से सीधे जोड़ना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल, प्रभारी परियोजना अधिकारी प्रकाश चंद्र तारम तथा सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा प्रेमचंद देवांगन ने विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर पंचायत और शासन की योजनाओं की जानकारी दी। योजनाओं से संबंधित विवरण क्यूआर कोड स्कैन के माध्यम से उपलब्ध कराया गया जिससे ग्रामीणों को जानकारी सरल और पारदर्शी तरीके से मिल सके। आवास दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी नरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण PMAY-G की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि योजना से संबंधित सभी जानकारी और सहायता अब क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के टोल फ्री नंबर 1800-233-1290 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। रोजगार दिवस के तहत आजीविका डबरी निर्माण आजीविका संवर्धन और विभिन्न योजनाओं के आपसी अभिसरण पर चर्चा की गई। जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि आवास दिवस का प्रमुख उद्देश्य जनजागरूकता बढ़ाना समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि PMAY-G के हितग्राहियों को 90 दिनों की अकुशल श्रमिक मजदूरी का लाभ देते हुए आवास निर्माण समय सीमा में पूर्ण कराया जा रहा है। निर्माण सामग्री से जुड़ी समस्याओं के समाधान सामग्री बैंक की स्थापना और पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों को प्राथमिकता देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दौरान विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण VB-GRAM-G की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का आधुनिक स्वरूप है जिसका लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करना है। ग्रामीणों को अवगत कराया गया कि अब रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है और मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा यदि कार्य की मांग के बावजूद रोजगार नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है वहीं धान की खेती के पीक सीजन में 60 दिनों तक योजना को अस्थायी रूप से बंद रखने का प्रावधान किया गया है जिससे खेती किसानी पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। ग्रामीणों ने योजनाओं को लाभकारी बताते हुए शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। गांव में ही रोजगार की उपलब्धता समय पर भुगतान और बुनियादी ढांचे के विकास से पलायन पर रोक लगेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ग्रामीणों का उत्साह इस बात का संकेत है कि शासकीय योजनाएं जिले में प्रभावी रूप से धरातल पर उतर रही हैं।