मोहंदी चौक है राजनांदगांव, बेमेतरा, खैरागढ़ और दुर्ग को जोड़ने वाला व्यस्त चौक
नशे का बेरोक-टोक कारोबार युवाओं और राहगीरों को बना रहा लत का शिकार
जालबांधा। क्षेत्र के समीप स्थित मोहंदी चौक जो चार जिलों की सीमाओं को जोड़ता है इन दिनों अवैध नशे के कारोबार का केंद्र बन गया है। व्यस्त यातायात और सीमावर्ती स्थिति का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व खुलेआम गांजा, अवैध शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं जिससे स्थानीय युवाओं और राहगीरों का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है। पाठकों और शासन-प्रशासन के नुमाइंदो को ज्ञात हो कि जालबांधा से कुछ दूरी पर स्थित मोहंदी चौक भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है जहां से राजनांदगांव, बेमेतरा, खैरागढ़ और दुर्ग जिले जुड़े हुए हैं और यह चौक मूल रूप से राजनांदगांव जिले की शरहद में आता है। इस चौक से दिनभर ट्रकों, यात्री वाहनों और स्थानीय लोगों का आवागमन बना रहता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार इसी भीड़भाड़ और चार जिलों की सीमा के कारण यहां निगरानी में ढील का फायदा उठाकर कुछ दुकानों में लंबे समय से सूखा नशा, गांजा और अवैध शराब का कारोबार संचालित हो रहा है। इतना ही नहीं विश्वसनीय जानकारी के मुताबिक यहां अन्य खतरनाक नशीले पदार्थ भी बेचे जा रहे हैं जो युवाओं और किशोरों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहे हैं।*आसपास के गांवों के युवा और कम उम्र के बच्चे नशे की गिरफ्त में*यहां नशे के कारोबार का फलने फूलने के कारण ट्रक चालकों को बैठाकर खुलेआम शराब पिलाने की शिकायत आम हो गई है। क्षेत्र में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के बढ़ने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पूरी पीढ़ी के भविष्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से इस अवैध कारोबार की जानकारी संबंधित प्रशासन और पुलिस को होने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे अवैध कारोबारियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

नागरिकों की प्रशासन से सीधी मांग
नागरिकों की प्रशासन से सीधी मांग है कि मोहंदी चौक में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और संदिग्ध दुकानों और अड्डों पर सख्त छापेमारी हो। साथ ही नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिये वहीं क्षेत्र के युवाओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। गौरतलब है कि यह जनहित से जुड़ा गंभीर मुद्दा है जिस पर शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है अन्यथा आने वाले समय में इसके दुष्परिणाम और भी भयावह हो सकते हैं।