चंदनहा कलार समाज के संरक्षण के लिये समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिला कलार समाज के प्रतिनिधिमंडल ने चंदनहा कलार समाज के लोगों के संरक्षण और उनके मानवाधिकारों की रक्षा को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष दीनदयाल सिन्हा के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतेश गौतम तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कर पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ प्रांत कलार समाज की पहल पर कबीर पंथ को मानने वाले चंदनहा कलार समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया था। इस पहल का उद्देश्य सामाजिक एकजुटता और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देना था। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार कुछ व्यक्तियों द्वारा इस प्रक्रिया का विरोध करते हुए सामाजिक समरसता में व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है।

शिकायत पत्र में समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया हौ कि कुछ लोग सामाजिक नियमों के नाम पर प्रभावित परिवारों पर अनुचित दंड लागू कर रहे हैं। इसमें भारी जुर्माना, सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाने, पूजा-पाठ और सामाजिक भोज कराने जैसे दबाव शामिल बताए गए हैं। समाज ने इन कृत्यों को मानवीय गरिमा के विरुद्ध बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि संबंधित समुदाय शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन स्तर के मामलों में अभी भी पिछड़ा हुआ है। सीमित वैवाहिक संबंधों के कारण सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। ऐसे में समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक बताया गया वहीं प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर क्षेत्र और प्रदेश के विकास में योगदान देना है लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इस प्रयास में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष दीनदयाल सिन्हा, महामंत्री शिवराज सिन्हा, कोषाध्यक्ष भगवती प्रसाद सिन्हा, संरक्षक आनंद सिन्हा, मंडलेश्वर कुंभलाल सिन्हा, सचिव गुमान सिन्हा सहित अन्य पदाधिकारी और प्रभावित परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे जिन्होंने प्रशासन से अपेक्षा करते हुये कहा है कि इस गंभीर मामले में प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित कर समाज में शांति, समानता और मानवीय मूल्यों को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाये जाये।

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