डॉ.आनंद पांडेय को अभिनय और घनश्याम साहू को नाट्य लेखन के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान

खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के नाट्य विभाग में पदस्थ रहे प्रो.योगेन्द्र चौबे के दो शिष्यों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। डॉ.आनंद पांडेय को अभिनय तथा घनश्याम साहू को नाट्य लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली द्वारा प्रदान किया जाने वाला यह सम्मान दोनों कलाकारों की रचनात्मक साधना और रंगमंच के प्रति समर्पण का प्रमाण है।गौरतलब हो कि नई दिल्ली में सोमवार 19 अक्टूबर को आयोजित पुरस्कार समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने युवा कलाकारों को सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ.संध्या पुरेचा ने की जबकि केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। खैरागढ़ विश्वविद्यालय के छात्र रहे डॉ.आनंद पांडेय को अभिनय के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए तथा घनश्याम साहू को नाट्य लेखन में योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है। दोनों कलाकारों का इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के नाट्य विभाग से जुड़ाव और प्रो.योगेन्द्र चौबे का मार्गदर्शन इस उपलब्धि को खैरागढ़ की कला एवं रंगमंच परंपरा के लिए विशेष गौरव का विषय बनाता है। संगीत नाटक अकादमी जो कि संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की स्वायत्त संस्था है और प्रतिवर्ष संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को प्रोत्साहित करती है। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान देने और भारतीय कला परंपराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण सम्मान माना जाता है। खैरागढ़ विश्वविद्यालय के दोनों मेधावी और गुणी छात्रों की इस उपलब्धि से खैरागढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है। यह सफलता विश्वविद्यालय के नाट्य विभाग की शैक्षणिक परंपरा, गुरु-शिष्य संबंधों और रंगमंच के क्षेत्र में निरंतर हो रहे सृजनात्मक प्रयासों की उपलब्धि के रूप में भी देखी जा रही है।